Gandhi-King scholarly exchange initiative : गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Thu, 16 Jun 2022 11:54 PM IST

Highlights

यह पहल महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर स्थापित संघर्ष समाधान के ऊपर एक विकास प्रशिक्षण प्रणाली स्थापित करने और भारत में सामाजिक, पर्यावरणीय तथा स्वास्थ्य सम्बन्धित चिंताओं को दूर करने के लिए एक आधार स्थापित करने का प्रयास करेगा.

वाशिंगटन - अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने 14 जून, 2022 को ‘गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज' पहल की शुरूआत की है, जो हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर के इतिहास तथा विरासत को रेखांकित करेगी. यह अपने तरह से की जाने वाली एक पहली पहल है जो मंगलवार को शुरू की गई है. यह पहल नागरिक अधिकारों, सामाजिक और स्थानीय न्याय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समावेश को आगे बढ़ाएगी. डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशनल एंड कल्चरल अफेयर्स द्वारा घोषित गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव का उद्देश्य भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के 20 उभरते युवा नागरिक नेताओं को एक साथ लाना है. विदेश मंत्रालय के ‘ब्यूरो ऑफ एजुकेशनल एंड कल्चरल अफेयर्स' के मुताबिक इस पहल के तहत बुधवार से एक सप्ताह का ऑनलाइन कार्यक्रम और ओरिएंटेशन किया जाएगा जिसके बाद सभी 20 युवा नेता अलबामा एंड एम यूनिवर्सिटी, हिस्टोरिकल ब्लैक कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी (एचबीसीयू) में दो सप्ताह के एक शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now.

Source: Safalta.com

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पूरा मामला -

अमेरिका की कांग्रेस कमिटी ने वर्ष 2009 में अमेरिकी नागरिक अधिकार नेता और कानूनविद जॉन लुईस की भारत यात्रा से प्रेरित एक विधेयक पारित किया था. 
जॉन लुईस ने डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर की भारत यात्रा की 50 वीं वर्षगाँठ के मौके पर भारत का दौरा किया था. जॉन लुईस द्वारा लिखित इस बिल को तब कांग्रेस समिति द्वारा 29 जुलाई को मंजूरी दी गयी थी. मंगलवार को इस विधेयक को पारित कर दिया गया है. यह दोनों देशों के बीच सम्बन्ध को और मज़बूत करेगा. यह बिल अमी बेरा द्वारा सह प्रायोजित है.
यह विधेयक भारत सरकार तथा अमेरिकी सरकार को दोनों देशों के छात्रों के लिए एक वार्षिक शैक्षणिक मंच की स्थापना करने का अधिकार देता है जो दोनों महान हस्तियों के काम और विरासत का अध्ययन करेगा. यह विधेयक महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर स्थापित संघर्ष समाधान के ऊपर एक विकास प्रशिक्षण प्रणाली स्थापित करने और भारत में सामाजिक, पर्यावरणीय तथा स्वास्थ्य सम्बन्धित चिंताओं को दूर करने के लिए एक आधार स्थापित करने का प्रयास करेगा. बिल में यूएस इन्डिया, गाँधी किंग डेवलपमेंट फाउंडेशन की स्थापना की गयी है.
 
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जॉन लुईस कौन थे ?

जॉन लुईस अमेरिकी राजनेता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थे. उन्होंने महात्मा गाँधी तथा मार्टिन लूथर किंग जूनियर के दर्शनों को लागू करने के लिए गाँधी-किंग एक्सचेंज अधिनियम बनाया था. जॉन लुईस महात्मा गाँधी तथा मार्टिन लूथर किंग जूनियर के काम से बहुत अधिक प्रभावित थे.
 

गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव - मुख्य विवरण

1. गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव 15 जून, 2022 को शुरू होगा, जिसमें एक सप्ताह का वर्चुअल प्रोग्राम और ओरिएंटेशन होगा.
2. गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव के तहत, प्रतिभागी कक्षा में चर्चा और सीखने के अलावा, मोंटगोमरी, सेल्मा, बर्मिंघम, अटलांटा, जॉर्जिया और अलबामा में नागरिक अधिकार साइटों का दौरा करेंगे.
 
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गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव के तहत क्या होगा ?

जनवरी 2023 में भारतीय और अमेरिकी प्रतिभागी महत्वपूर्ण स्थलों, संगठनों और समुदायों का दौरा करने के लिए भारत में फिर से मिलेंगे, जो उनके अकादमिक पाठ्यक्रम पर आधारित हैं, जो शांति, अहिंसा और संघर्ष समाधान के शैक्षणिक विषयों के आसपास केंद्रित है और उनकी नेतृत्व क्षमता का निर्माण करता है.
 

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