Safalta Talks: सपनों से किया प्यार, सीए जैसे कठिन परीक्षा को एक बार में किया साकार, जानिए शुभम केसवानी कि कहानी 

Safalta Experts Published by: Blog Safalta Updated Wed, 22 Dec 2021 10:04 PM IST

CA शुभम केसवानी आज देश भर में करोड़ो छात्रों के लिए एक मिसाल बन गए है। क्योंकि वो कहते न कि अगर तुम किसी चीज को शिद्द्त से चाहो तो पूरी कायनात तुम्हे उससे मिलाने में लग जाती है, ठीक इसी प्रकार शुभम केसवानी के साथ भी हुआ। शुभम की मेहनत और लगन CA के प्रति इस प्रकार थी कि वो ज्यादा दिन तक शुभम से दूर नहीं रह पाई। शुभम ने एक बार में ही CA 2021 जैसे कठिन परीक्षा को मात दिया और बन गए देश के 8वें टॉपर। ( वो कहते न आपकी तैयारी इतनी खामोश होनी चाहिए कि आपकी कामयाबी खुद शोर मचाए ) शुभम केसवानी ने भी ठीक इसी प्रकार से किया उन्होंने CA की परीक्षा को छोड़ कर किसी और परीक्षा के बारे में सोचा ही नहीं तभी तो वो आज बन गए करोड़ो छात्रों के लिए उदाहरण। 

चाटर्ड अकाउंटेंट होने के अलावा, शुभम केसवानी का यूट्यूब पर एक चैनल है, जिसके 26000 सब्सक्राइबर हैं। शुभम अपने यूट्यूब के माध्यम से हजारों छात्रों को,जो CA बनना चाहते है और इसके लिए मेहनत कर रहे हैं उन्हें अपने यूट्यूब चैनल की मदद से ऑडिट पढ़ाते हैं। शुभम केसवानी खुद तो CA कि परीक्षा की तैयारी कर रहे थे साथ ही वो मुफ्त ज्ञान भी अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से बांट रहे थे। वह मोबाइल से जुड़ कर भी अपने पढ़ाई को हमेसा आगे रखें और मोबाइल पर भी वो पढ़ाई से जुडी बातचीत बताते रहें। 

जानिए शुभम केसवानी के बारे में -

शुभम केसवानी कि स्कूली शिक्षा ए.पी.जे. प्रीतमपुरा दिल्ली से हुई।  शुभम बचपन से ही CA बनना चाहते थे। 12वीं के बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स दिल्ली विश्वविद्यालय से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। शुभम केसवानी के पिता वर्तमान समय में CA हैं और साथ ही उनकी माता नॉएडा में किसी कंपनी में जॉब करती हैं। उनके घर का माहौल शुरू से ही पढ़ाई के प्रति ज्यादा अग्रसर रहा है। शुभम अपने पिता के नक़्शे कदम पर चलना चाहते थे, वो अपने पिता को देखते देखते बड़े हुए और पिता के जैसे ही CA बनने की ठानी और इसके लिए वो दिन रात मेहनत करने लगे। अन्तः वे मेहनत इस प्रकार से किए कि 2021 के CA परीक्षा में उनकी पहचान देश में 8वीं स्थान से हुई। शुभम ने अपने कामयाबी का श्रेय अपने माता पिता के साथ-साथ उन दोस्तों का भी दिया जिन्होंने शुभम को मोटीवेट करते रहे CA के प्रति। 
 
शुभम ने अपने एक बयान में यह भी कहा कि हर दिन योजनाएँ बनाएं और हार नहीं माननी चाहिए, भले ही योजनाएँ काम न करें। मेरे दोस्तों और परिवार के लगातार समर्थन ने इस यात्रा में मेरी बहुत मदद की। मेरे गुरु भंवर बोराना सर, प्रवीण शर्मा सर और नीरज अरोड़ा सर ने इस पाठ्यक्रम में मेरा बहुत अच्छा मार्गदर्शन किया। साथ ही ईवाई (फर्म जहां मैंने अपना लेखा पूरा किया) में मेरे वरिष्ठों के समर्थन ने मुझे इस उपलब्धि को हासिल करने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिर भी, मैंने कभी भी अपने विशेष अधिकारों को हल्के में नहीं लिया और समय और संसाधनों का सर्वोत्तम संभव उपयोग किया।

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