Second Career for Women, महिलाएँ कैसे करें दूसरे कैरियर की शुरुआत

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Sat, 27 Aug 2022 01:01 PM IST

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जॉब करने वाली एक लड़की की जब शादी होती है तो घर परिवार की जिम्मेदारी की खातिर एक पत्नी से हीं उसका शहर, जॉब और कैरियर को छोड़ना सामान्य सी बात मानी जाती है.

Source: Safalta.com

किसी भी समाज का स्त्री एक मुख्य आधार होती है. स्त्री की स्थिति उस समाज का परिचय अपने आप दे देती है. आज हिन्दुस्तान में स्त्रियों की स्थिति पहले के मुकाबले काफी सुदृढ़ और निरापद हुई है. शिक्षा ने आज की स्त्री को आत्मनिर्भर होने का गौरव प्रदान किया है. अभी से कुछ समय पूर्व तक घर से बाहर काम करने वाली एक नौकरीपेशा महिला को सम्मानजनक निगाहों से नहीं देखा जाता था परन्तु आज समय बदल गया है. आज के समय में शिक्षित और आत्मनिर्भर स्त्री को सम्मानित दृष्टि से देख जाता है. कार्य स्थल पर खुले दिल से उसकी योग्यता और मेहनत की सराहना की जाती है. उसे पुरूषों के समान हीं जीवन और समाज का मज़बूत मूल स्तंभ माना जाता है. परन्तु इस सब के बाद भी घर परिवार की खातिर जब कुछ छोड़ने की बात आती है तो औरत की तरफ हीं देखा जाता है. जॉब करने वाली एक लड़की की जब शादी होती है तो घर परिवार की जिम्मेदारी की खातिर एक पत्नी से हीं उसका शहर, जॉब और कैरियर को छोड़ना सामान्य सी बात मानी जाती है. 


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करती है महिला सेक्रीफाईस 

हाँ कई बार ऑफिस, शादी, प्रेग्नेंसी, बच्चे और परिवार सँभालने की कवायद के बीच स्त्री स्वयं भी थक कर अपने कैरियर को आख़िरी हाशिए पर रख कर देती है और अपनी जॉब छोड़ देती है.
परन्तु एक बार जब बच्चे बड़े हो जाते हैं. परिवार की जिम्मेदारियाँ भी या तो स्त्री के मुताबिक या फिर स्त्री हीं जिम्मेदारियों के मुताबिक ढल जाती है तब उसे फिर से अपने कैरियर की ओर रूख करने का मौका, समय और परिस्थितियाँ मिल जाती हैं. पर कहते हैं न कि वक्त किसी के लिए नहीं रुकता सो स्त्री को अपने नए या सेकंड कैरियर की तलाश में मन मुताबिक चीजें नहीं मिल पाती.

नहीं मिलता प्रतिभा के अनुरूप मूल्य ?

एक लम्बा समय बीत जाने के कारण कभी उनके पास वर्तमान जॉब ऑफर्स के हिसाब से जरूरी स्किल्स की अनुपस्थिति तो कभी ठीक ठाक सैलरी नहीं मिल पाती. ऐसे में उनके पास कम सैलरी पर काम करना या फिर कोई अलग जॉब ढूंढ कर नए सिरे से शुरुआत करने के अलावा अन्य ऑप्शन नहीं होता.

क्या करे स्त्री ?

अगर आपके साथ भी ऐसा हीं कुछ हो रहा है तो आपको या तो अपने पुराने जॉब में हीं दुबारा से पार्ट टाइम या कोई अन्य शुरुआत करने की कोशिश करनी चाहिए या फिर अगर आपमें नएपन के प्रति जोश और उर्जा है तो ढंग की सैलरी पर कोई नई शुरुआत करनी चाहिए. दुबारा से शुरुआत के लिए आपका वर्किंग एक्सपीरियंस आपके काफी काम आएगा. इसके अलावा अगर आप चाहें तो अपनी हॉबी वाले काम में भी संभावनाएँ तलाश सकती हैं जैसे - क्रिएटिव राइटिंग, हॉबी कोर्सेस, इंटीरियर डिजाइनिंग इत्यादि. इसके अलावा अगर आपमें लेखन के प्रति रचनात्मकता है तो आप फ्रीलांसिंग साइट्स पर काम कर सकती हैं.