Beating Retreat Ceremony: बीटिंग रिट्रीट से जुड़े रोचक तथ्य, आइए जानते हैं इस वर्ष इसमें क्या परिवर्तन हुए हैं

Safalta experts Published by: Chanchal Singh Updated Fri, 28 Jan 2022 12:37 PM IST

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भारतीय  सेना की और से  शनिवार के लिए जारी की गई सूची पत्र से यह जानकारी मिली है कि, इस साल 29 जनवरी को होने वाले समारोह में महात्मा गांधी की पसंदीदा क्रिश्चन स्तुति गीत ''अबाइड विद मी'' (ABIDE WITH ME) को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी से हटा दिया गया है।

Beating Retreat Ceremony:  बीटिंग रिट्रीट सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है, यह बहुत पुराने समय से चली आ रही सैनिकों की परंपरा है, इस परंपरा में सैनिक जब सूर्यास्त के समय युद्ध से अलग हो जाते थे तब युद्ध मैदान में बिगुल की धुन बजने लगती थी और सभी सैनिक अपना हथियार समेटते हुए युद्ध मैदान से हट जाते हैं। यह सामारोह हर साल 29 जनवरी को राष्ट्रपति भवन के सामने होता है। इस सेरेमनी के मुख्य अतिथी राष्ट्रपति होते हैं। बीटिंग रिट्रीट गणतंत्र दिवस की परंपरा नहीं है बल्कि यह अंग्रेज शासन के समय से चली आ रही सेरेमनी है। इस सेरेमनी का आयोजन 29 जनवरी के शाम के सूरज ढलने के साथ ही किया जाता है।

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Source: social media

बीटिंग रिट्रीट पर सेना के साथ ऊंट दस्ता भी राजपथ पर शक्ति प्रदर्शन करती है। 

इस साल इस धुन को हटा दिया गया है

भारतीय  सेना की और से  शनिवार के लिए जारी की गई सूची पत्र से यह जानकारी मिली है कि, इस साल 29 जनवरी को होने वाले समारोह में महात्मा गांधी की पसंदीदा क्रिश्चन स्तुति गीत ''अबाइड विद मी'' (ABIDE WITH ME) को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी से हटा दिया गया है।
 

1950 से यह धुन बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का हिस्सा थी।

इस धुन को 1847 में स्कॉटलैंड के एंग्लिकन कवि हेनरी फ्रांसिस लाइट ने  लिखा था। भारत के आजाद होने के बाद से ही यह धुन इस समारोह का हिस्सा थी। आज तक  बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का समापन इस गीत से होते आ रहा था लेकिन अब यह गीत समारोह का हिस्सा नहीं रहेगा। सूची पत्र में जारी निर्देश के अनुसार इस वर्ष समारोह का समापन ''सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा'' के धुन से होगा।

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 इस साल के बीटिंग सेरेमनी में 26 नई धुनों का चयन हुआ है

इस साल के समारोह में 26 नई धुनों को लिया गया है, जिसका विवरण सूची पत्र में किया गया है। इनमें से इन धुनों को , कांचा’, ‘चन्ना बिलौरी’, ‘जय जन्म भूमि’, ‘नृत्य सरिता’, ‘विजय जोश’, ‘केसरिया बन्ना’, ‘वीर सियाचिन’, ‘हाथरोई’, ‘विजय घोष’, ‘लड़ाकू’, ‘स्वदेशी’, ‘अमर चट्टान’, ‘गोल्डन एरोज’ और ‘स्वर्ण जयंती’बीटिंग रिट्रीट समारोह  में विजय चौक पर बजाई जाएंगी।

समारोह के लिए इन धुनों को शामिल किया गया है।

समारोह के विवरण पत्र के अनुसार बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में  ‘वीर सैनिक’, ‘फैनफेयर बाय बगलर्स’, ‘आईएनएस इंडिया’, ‘यशस्वी’, ‘जय भारती’, ‘केरल’, ‘हिंद की सेना’, ‘कदम कदम बढ़ाए जा’, ‘ड्रमर्स कॉल’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ को भी उन 26 धुनों में शामिल किया गया है जो 29 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में बजाया जाएगा।

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