Gene Bank Project:महाराष्ट्र जीन बैंक परियोजना और इसका उद्देश्य  क्या है।

safalta experts Published by: Chanchal Singh Updated Sun, 01 May 2022 03:28 PM IST

Highlights

1.समुद्री जैव विविधता (marine biodiversity).
2.स्थानीय फसल/बीज की वैरायटी (Variety of local crop/seed).
3.देशी मवेशियों की नस्लें (native cattle breeds).

Gene Bank Project: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने एक जीन बैंक के प्रस्ताव को स्वीकार कर उसे मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य राज्य के भीतर जेनेटिक संसाधनों का संरक्षण प्रदान करना है। इस संरक्षण के अंतर्गत समुद्री जीव और पशु विविधता शामिल है, सरकार ने बताया कि स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली फसलों के बीज, सभी की अनुमानित लागत 172 करोड़ रुपये से अधिक है। यह देश में अपनी तरह की पहला प्रोजैक्ट है, इसे राज्य के वन विभाग द्वारा एग्जीक्यूट किया जाएगा। प्रस्ताव की मंजूरी के दौरान, कैबिनेट के प्रमुख, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रोजेक्ट के रिसल्ट को ध्यान में रखा और कहा कि  पायलट प्रोजेक्ट और महाराष्ट्र जीन बैंक परियोजना , यह राज्यव्यापी जैव विविधता के संरक्षण में मदद करेगा, इस प्रकार आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।  अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now.

Source: Safalta

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महाराष्ट्र जीन बैंक परियोजना का उद्देश्य क्या है?

महाराष्ट्र में समुद्री विविधता, स्थानीय फसलों के बीज और पशु विविधता सहित जेनेटिक रिसोर्सेज का संरक्षण प्रदान करना है।

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परियोजना के सात विषय क्या हैं?

'महाराष्ट्र जीन बैंक प्रोजेक्ट' इन सात विषयों पर काम करेगा:

1.समुद्री जैव विविधता (marine biodiversity).
2.स्थानीय फसल/बीज की वैरायटी (Variety of local crop/seed).
3.देशी मवेशियों की नस्लें (native cattle breeds).
4.शुद्ध पानी की जैव विविधता (freshwater biodiversity).
5.घास के मैदान, झाड़-झंखाड़ और पशु चरने वाली भूमि जैव विविधता (Grasslands, scrub and grazing lands Biodiversity).
6.वन अधिकार के तहत क्षेत्रों के लिए संरक्षण और प्रबंधन योजना (Conservation and Management Plan for Areas Under Forest Rights).
7.वन क्षेत्रों का कायाकल्प ( Rejuvenation of forest areas).

इस प्रोजेक्ट के तहत कितना लागत आएगा ?

अगले पांच सालों में इन सात फोकस क्षेत्रों पर ₹172.39 करोड़ रुपये खर्च की जाएगी।

इस प्रोजेक्ट  के तहत प्रमुख गतिविधियां क्या हैं?


1.स्वदेशी नॉलेज रिसोर्स का उपयोग किया जाएगा।
2.प्रजातियों और स्थानीय समुदायों के नॉलेज को अच्छी तरह से डॉक्यूमेंट किया जाएगा।
3.जेनेटिक और मॉलिक्यूलर नमूनों को संरक्षित किया जाएगा और उनके प्रजनकों का समर्थन किया जाएगा।
4.फसल जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए, सरकार जीनोम वाहकों को प्रोत्साहित करेगी जो स्थानीय फसल किस्मों के बीजों का संरक्षण करते हैं और बीज बैंक बनाते हैं।

महाराष्ट्र की प्रसिद्ध स्थानीय प्रजातियां कौन सी हैं?

मवेशियों की प्रजातियाँ: गावलाऊ, डांगी और कंधारी गायें जो  वर्धा, उत्तरी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में पाई जाती हैं। उस्मानाबादी नस्ल की बकरियां, पंढरपुरी भैंस। Polity E-Book-Download Now

परियोजना के क्या लाभ होंगे?

जैव विविधता का संरक्षण किया जाएगा। food chain पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करना।

परियोजना को कौन लागू करेगा?

यह परियोजना महाराष्ट्र राज्य जैव विविधता बोर्ड (Maharashtra State Biodiversity Board (MSBB)) द्वारा एग्जीक्यूट की जाएगी और मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (वन) के अंतर्गत समितियों द्वारा इसकी देखरेख की जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य जैव विविधता बोर्ड,  rare और endangered marine species के दस्तावेज और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) गोवा जैसे संस्थानों के साथ समन्वय करेगा। 

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नेशनल जीन बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना किसने की?

इंडियन नेशनल जीन बैंक की स्थापना नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज (NBPGR) द्वारा बीज, वानस्पतिक प्रसार, ऊतक / कोशिका संवर्धन, भ्रूण, युग्मक, आदि के रूप में जर्मप्लाज्म कलेक्शन की राष्ट्रीय विरासत के संरक्षण के लिए की गई है। नेशनल जीन बैंक बीज के रूप में लगभग एक मिलियन जर्मप्लाज्म को संरक्षित कर सकता है। Sports E-book-Download Now

नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज (NBPGR) क्या है?

राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBPGR) की स्थापना 1976 में खाद्य और कृषि के लिए पादप आनुवंशिक संसाधनों (PGR) के प्रबंधन और संबंधित रिसर्च और ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में की गई थी। Hindi Vyakaran E-Book-Download Now

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