Who are Marcos Commando : जानिये कौन होते हैं मार्कोस कमांडो

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Thu, 07 Jul 2022 11:32 AM IST

Highlights

मार्कोस या मरीन कमांडो फोर्स (MCF) भारतीय नौसेना की स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स यूनिट हैं जिन्हें किसी भी स्पेशल ऑपरेशन के लिए बुलाया जाता है.

भारत सदा से वीर पुरुषों की धरती रहा है. यहाँ के धीर वीर सैनिकों ने हमेशा हीं देश की आन के लिए अपनी जान को मोर्चे पर अड़ाने में कभी देरी नहीं की. हिन्दुस्तान की यह विराट धरती सदा से हीं, एक से एक वीर जवानों से पुष्पित पल्लवित रही है. अपने प्यारे राष्ट्र की पहरेदारी के लिए ये जब सीमा पर होते हैं तब इनकी बदौलत हम और आप अपने अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं. लेकिन दुष्ट और स्वार्थी दुश्मनों और पड़ोसियों ने हमारी नींदे हराम करने के अलग अलग जब तरीके निकाले तो हमारे वीर सैनिकों ने भी अनेक निपुणताओं के साथ उनका मुकाबला करने की ठानी.

Source: Safalta

इसी क्रम में जो एक प्रचण्ड शक्तिशाली और वीर सैनिकों का स्पेशल फोर्स यूनिट निकल कर सामने आया, वह था मार्कोस समुद्री कमांडो या मरीन कमांडो फोर्स (MCF) भारतीय नौसेना के इस विशेष इकाई को दादीवाला फौज के नाम से भी जाना जाता है. अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now. / GK Capsule Free pdf - Download here

July Month Current Affairs Magazine DOWNLOAD NOW

Indian States & Union Territories E book- Download Now

 

मार्कोस कमांडोज

मार्कोस या मरीन कमांडो फोर्स (MCF) भारतीय नौसेना की स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स यूनिट हैं जिन्हें किसी भी स्पेशल ऑपरेशन के लिए बुलाया जाता है. भारतीय नौसेना की इस स्पेशल यूनिट की स्थापना फरवरी साल 1987 में आतंकवादियों तथा समुद्री लुटेरों आदि को सबक सिखाने के लिए किया गया था. वैसे तो ये स्पेशल मरीन यानि समुद्री कमांडोज हैं लेकिन ये सभी प्रकार के वातावरण में जैसे समुद्र में, हवा में और जमीन पर भी, हर तरह के ऑपरेशंस को अंजाम देने में पुर्णतः निपुण होते हैं.

Free Demo Classes

Register here for Free Demo Classes

Please fill the name
Please enter only 10 digit mobile number
Please select course
Please fill the email
भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडोज ने अपने विस्तृत अनुभव की कुशलता तथा प्रोफेशनलिज्म से एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा हासिल की है. इनका मोटो है "The Few The Fearless." बहादुर और निर्भीक.
 

Fundamental Rights in India : जानिये क्या हैं भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार
How to become Miss India : जाने किस तरह बनते हैं मिस इंडिया और किस तरह होता है रजिस्ट्रेशन

 

कैसे बनते हैं मार्कोस कमांडो

और आइए अब बात करते हैं मार्कोस कमांडो बनने की कठोर प्रक्रिया की. मार्कोस को इतना दृढ और व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है कि ये नेवी ऑपरेशन से लेकर आतंकवाद और एंटी पायरेसी ऑपरेशन तक में माहिर होते हैं. आपको जान कर हैरानी होगी कि कुछ मामलों में तो मार्कोस कमांडो को अमेरिकी नेवी सील से भी इक्कीस माना जाता है. जीहाँ मानसिक और शारीरिक क्षमताओं में भारत के ये मार्कोस कमांडोज अमेरिका के फेमस नेवी सील को पीछे छोड़ देते हैं. तभी तो मार्कोस कमांडो की गिनती भारत के सबसे खतरनाक कमांडोज में की जाती है.
मार्कोस कमांडो के लिए सिलेक्शन होना इतना मुश्किल होता है कि, इस पर सेना में एक कहावत है कि 10,000 सैनिकों में से किसी एक को हीं मार्कोस कमांडो ट्रेनिंग के लिए चुना जाता है.
यह सच है कि सेना के 1000 सैनिकों में से कोई एक ही मार्कोस कमांडो बन पाता है.
 
सामान्य हिंदी ई-बुक -  फ्री  डाउनलोड करें  
पर्यावरण ई-बुक - फ्री  डाउनलोड करें  
खेल ई-बुक - फ्री  डाउनलोड करें  
साइंस ई-बुक -  फ्री  डाउनलोड करें  
अर्थव्यवस्था ई-बुक -  फ्री  डाउनलोड करें  
भारतीय इतिहास ई-बुक -  फ्री  डाउनलोड करें  
 

कैसे होता है मार्कोस कमांडो का चयन ?

भारतीय नौसेना की इस यूनिट में शामिल होने के लिए किसी भी कैंडिडेट को पहले तीन दिवसीय, फिजिकल फिटनेस टेस्ट तथा योग्यता परीक्षा को पास करना पड़ता है.यह परीक्षा इतनी कठिन होती है कि लगभग 80% कैंडिडेट्स को स्क्रीनिंग के बाद हीं बाहर कर दिया जाता है.

मार्कोस कमांडोज की ट्रेनिग

मार्कोस कमांडोज की ट्रेनिंग लगभग 3 साल तक चलती है. भारतीय नौसेना की इस यूनिट में शामिल होने के लिए 20 साल के, 100 में से 20% निर्भय और दुस्साहसी युवाओं का हीं चयन किया जाता है. कैंडिडेट्स के चयन के बाद उनकी 5 सप्ताह की अत्यंत दुष्कर ट्रेनिंग प्रक्रिया आरम्भ होती है, जिसमें ट्रेनी को न तो सोने दिया जाता है न खाने. और साथ में कठोर परिश्रम अलग. इन यातनाओं के बाद भी जो कैंडिडेट ट्रेनिंग छोड़कर नहीं भागते उन्हें मूल ट्रेनिंग के लिए चुन लिया जाता है.
मार्कोस की इस ट्रेनिंग में कैंडिडेट्स को जांघों तक कीचड़ के अन्दर घुस कर 800 मीटर तक की दौड़ लगानी पड़ती है. यही नहीं इस प्रक्रिया के दौरान इनके कन्धों पर 25 किलो का वजन भी रख कर दौड़ाया जाता है.
कहते हैं कि कसौटी पर घिस कर हीं असली सोना निखरता है सो इन कठिन अभ्यासों के बाद हीं दुनिया के सबसे शक्तिशाली, दिलेर और बेस्ट कमांडोज निकल कर सामने आते हैं.
 
Monthly Current Affairs May 2022 डाउनलोड नाउ
Monthly Current Affairs April 2022 डाउनलोड नाउ
Monthly Current Affairs March 2022 डाउनलोड नाउ
Monthly Current Affairs February 2022 डाउनलोड नाउ
Monthly Current Affairs January 2022  डाउनलोड नाउ
Monthly Current Affairs December 2021 डाउनलोड नाउ
 

भारत की बेस्ट कमांडो फोर्स 'मार्कोस'

जमीन, हवा और पानी तीनों जगहों पर लड़ने में पुर्णतः सक्षम ये कमांडोंज अपने सफल ऑपरेशंस के लिए दुनियाभर में जाने माने जाते हैं. जहाँ एक तरफ मार्कोस कमांडोज हर तरह के हेलीकाप्टर, जहाज चलाने में एक्सपर्ट हैं वहीँ दूसरी तरफ ये रायफल, स्नाइपर समेत दुनिया के सभी आधुनिक हथियार चलाना अच्छे से जानते हैं. आप सोच रहे होंगे कि अगर इनसे हथियार छीन लिए जाएँ तो ? तो बता दूँ कि मार्शल आर्ट में एक्सपर्ट ये मार्कोस कमांडोज बिना हथियार के तो और भी अधिक खतरनाक साबित होते हैं, जी हाँ ये बिना हथियार के भी दुश्मनों की जान ले सकते हैं.
 

Free E Books