Railways Goods Guard Educational Qualification 2022: आइए जानें रेलवे में गुड्स गार्ड बनने के लिए क्या है शैक्षणिक योग्यता और चयन प्रक्रिया

Safalta Experts Published by: Nikesh Kumar Updated Thu, 03 Feb 2022 06:02 PM IST

आज के युवाओं को चैलेन्जिंग जॉब्स सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं और इस लिहाज़ से देखें तो रेलवे में एक गुड्स गार्ड की जॉब चैलेन्ज से भरपूर होता है. किसी भी रेलवे में गुड्स गार्ड का पोस्ट बेहद हीं महत्वपूर्ण होता है. यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now.
Current Affairs Ebook Free PDF: डाउनलोड करे


चुनौतीपूर्ण परिस्थति-

एक बहुत हीं कम सुविधाजनक वर्क प्लेस जिसमें एक गुड्स गार्ड को निहायत हीं अकेले घंटो तक सफ़र में बने रहना पड़ता है. इंडियन रेलवे में गुड्स गार्ड की नौकरी सबसे कठिन जॉब्स में से एक होती है. किन्तु इसी के साथ यह जॉब उतना हीं चुनौतीपूर्ण भी होता है. टेक्निकल टर्म में कहें तो गुड्स गार्ड किसी ट्रेन का इंचार्ज होता है.

Source: Safalta.com

गुड्स गार्ड को यह सुनिश्चित करना होता है किसी रेलवे स्टेशन से स्टेशन मास्टर ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डिपार्चर के लिए अनुमति दे दी है. रेलवे गुड्स गार्ड को ट्रेन के ड्राइवर की निगरानी में ट्रेन को रोकना तथा कई बार खुद चलाना भी पड़ता है.

 सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए हिस्ट्री ई बुक- Download Now

आपात स्थिति में गार्ड, ट्रेन ड्राइवर को आगे बढ़ने की लिखित अनुमति देता है. गार्ड रेल के सबसे आखिरी डिब्बे होता है.

Free Demo Classes

Register here for Free Demo Classes

Please fill the name
Please enter only 10 digit mobile number
Please select course
Please fill the email
वह आखिरी डब्बा जो गर्मी के दिनों में बेहद हीं उमस से भरा हुआ होता है, कोई वाटर फैशिलिटी नहीं और बात बारिश के दिनों की करें तो कई बार तो उन्हें पानी टपकने वाली छत के नीचे काम करना होता है. इस सब के साथ हीं रेलवे के लिए यह पद इतना ख़ास है कि भले हीं एक गुड्स गार्ड के पास कुछेक असुविधाएँ हों परन्तु ट्रेन का इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम भी इन्हीं के पास होता है. इस जॉब में सबसे ज्यादा जरूरत होती है कठिन परिस्थितियों में साहस एवं धैर्य बनाए रखने की. सो रेलवे गुड्स गार्ड की नौकरी की आकांक्षा रखने वाले उम्मीदवारो के लिए आवश्यक है कि उनके अंदर धैर्य, अनुशासन, जिम्मेदारी, पंक्चुअलिटी, कमिटमेंट, ऑनेस्टी, करेज और सबसे बढ़ कर सेल्फ-कॉन्फिडेंस की भावना हो.

जानें गुड्स गार्ड बनने के लिए चयन की पूरी प्रक्रिया, और क्या होनी चाहिए चाहिए योग्यता-

शैक्षणिक योग्यता-
रेलवे में गुड्स गार्ड बनने के लिए कैंडिडेट्स को किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से किसी भी विषय में बैचलर्स डिग्री (ग्रेजुएट) होना आवश्यक है. इसके अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ रेल ट्रांसपोर्ट, रेल भवन, नई दिल्ली द्वारा संचालित रेल ट्रांसपोर्ट (कंटेनराइजेशन) में डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को चयन में वरीयता (प्रीफ्रेंस) दी जाती है. इस जॉब के लिए परफेक्ट आई-साईट का होना भी परम आवश्यक है

दृष्टि-
रेलवे में गुड्स गार्ड की जॉब के लिए कैंडिडेट की आई साईट बिना चश्में के दूर दृष्टि 6/9 और निकट दृष्टि एसएन:0.6 होनी चाहिए.

आयु सीमा-
रेलवे में गुड्स गार्ड बनने के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 33 वर्ष की होती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को केद्र सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.

कैसे होता है रेलवे गुड्स गार्ड का सेलेक्शन-

चयन प्रक्रिया-
रेलवे में गुड्स गार्ड बनने के लिए चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा के माध्यम से होती है. लिखित परीक्षा में जनरल नॉलेज, एप्टीट्यूड, मैथमेटिक्स एवं जनरल इंग्लिश से संबंधित कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं. लिखित परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को संबंधित रेलवे बोर्ड के जोनल ट्रेनिंग स्कूल में और फिर किसी निर्धारित रेलवे स्टेशन पर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है.

Free E Books