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Data Protection Bill, क्या है डेटा प्रोटेक्शन बिल ? क्यूँ केंद्र सरकार ने इसे ले लिया है वापस ?

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Fri, 05 Aug 2022 11:11 AM IST

Highlights

आइये जानते हैं क्या है पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल और इससे जुड़ी नवीनतम अपडेट के बारे में.

निजता का अधिकार ऐसा मुद्दा है जो हमेशा हीं चर्चा में बना रहता है. जब से इन्टरनेट लोगों के लिए सुलभ हो गया, सोशल मीडिया पर लोगों की उपस्थिति बढ़ गई, इसके अलावा अन्य सभी प्रकार की सुविधाएँ भी अब डिजिटलाइज हो रही हैं. फ़िर चाहे बात मोबाइल बैंकिंग की की जाए, बिग बास्केट की या प्रॉपर्टी डिलिंग की. और जब हमसे सम्बंधित इतनी सारी जानकारियाँ इन्टरनेट पर मौजूद हूँ तो इनकी सुरक्षा की बात उठाना लाज़मी है. यहीं से बात आई पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल की.

Source: safalta

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कब बना था विधेयक

निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2018 में लाया गया था. जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली समिति ने इस विधेयक को तैयार किया था.

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11 दिसम्बर को वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इस विधेयक को संसद में प्रस्तुत किया गया और वर्ष 2021 में इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया.
 

क्यूँ पड़ी निजी डेटा संरक्षण  बिल की जरुरत

जैसा कि नाम से हीं स्पष्ट है यह बिल देश के नागरिकों के निजी डेटा को संरक्षण प्रदान करने के लिए लाया गया. आजकल इन्टरनेट पर हमारी निर्भरता बहुत बढ़ गयी है और सरकारी एवं निजी कंपनियां हमारे निजी डेटा का उपयोग किस तरह से कर रही हैं इसपर पाबन्दी रखना आवश्यक हो गया है. सरकार इस बिल द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि कोई भी संस्था लोगों के निजी डेटा का उनकी सहमति के बगैर इस्तेमाल ना कर सके. इस बिल के लागू हो जाने के बाद से हमारे निजी डेटा पर हमारा अधिकार होगा. साथ हीं अगर कोई भी इस तरह के डेटा का गलत इस्तेमाल करता है तो उसे दोषी माना जायेगा और उस पर कानूनी कार्यवाही भी होगी.
 

फिलहाल बिल को ले लिया गया है वापस

फिलहाल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को केंद्र सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है. ये निर्णय भविष्य में आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सरकार द्वारा ऐसा कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय मानकों को देखते हुए दुबारा इस बिल का मसौदा तैयार किया जायेगा. इसके बाद यह बिल दुबारा संसद में पेश लिया जायेगा. 
 
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क्यूँ लिया गया है यह बिल वापस

वर्ष 2021 में पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को संसद की संयुक्त समिति (JPC) को सौंप दिया गया था. जेपीसी यानि कि जॉइंट पार्लियामेंट कमिटी ने इस बिल में 81 संशोधन करने की सिफारिश की थी. अब इन्हीं सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए एक नया विधेयक बनाया जायेगा जिसे फ़िर से संसद में पेश किया जायेगा. जब से इस विधेयक कि चर्चा हुयी थी तब से हीं इस पर बहुत साड़ी आपत्तियां उठी थीं. ऐसा कहा जा रहा था कि पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल में जो प्रावधान किये गए हैं वो किसी व्यक्ति के निजी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इन प्रावधानों में अभी और सुधार हो सकने की संभावना है. इन्हीं सारी बातों को ध्यान में रखते हुए अब केंद्र सरकार ने पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को वापस ले लिया है.    
 
 

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