Top 5 Digital Marketing Trends, साल 2022 के उद्योगों के टॉप 5 डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड 

safalta expert Published by: Chanchal Singh Updated Thu, 08 Dec 2022 06:30 PM IST

Highlights

इन टॉप 5 डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड की मदद से आप एक अच्छे डिजिटल मार्केटर बन सकते हैं

Top 5 Digital Market Trends : अगर आप डिजिटल मार्केटर हैं या डिजिटल मार्केटर बनने के बारे में सोच रहे हैं तो हम आपको साल 2022 के उन सभी डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने डिजिटल मार्केटिंग स्किल को और भी ज्यादा बड़ा सकते हैं। कोविड-19 के बाद से बदलाव की गति तेजी से बढ़ती जा रही है, साथ ही डिजिटल मार्केटिंग का दायरा भी बढ़ रहा है। इन टॉप 5 डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड की मदद से आप एक अच्छे डिजिटल मार्केटर बन सकते हैं और अपने बिजनेस या कंपनी को और बेहतर तरीके से ग्रो कर सकते हैं।

नीचे दिए गए सभी डिजिटल मार्केटिग ट्रेंड को और डिटेल में जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


साल 2022 के टॉप 5 डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड 

1 लाइव स्ट्रीम कॉमर्स 


लाइव स्ट्रीम कॉमर्स भारत के लिए बहुत नया है, लेकिन चीन इसका पहले से ही इस्तेमाल करते हुए  एक अरब डॉलर का बाजार बना चुका है। ब्रांड अपने प्रोडक्ट को लाइव दिखाने के लिए एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का चुनाव करते हैं एवं दर्शक उस प्रोडक्ट को लाइव खरीदने में सक्षम होते हैं। इंस्टाग्राम पर शॉप फीचर नेम ब्रांड को लाइव वीडियो कांटेक्ट पर दिखाए गए बटन लगाने के लिए सक्षम बनाता है, जो ग्राहक के लिए काम करता है।

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Source: safalta

लाइवस्ट्रीम कॉमर्स ग्राहकों को विज्ञापन के माध्यम से खरीददारी करने के लिए ऑप्शन देती है जैसे इंस्टाग्राम पर आप कोई ऐड देखते हैं जहां पर नीचे शॉपिंग करने के लिए "शॉप नाउ" क्लिक बटन दिया होता है, जिसके माध्यम से आप क्लिक करते हुए उसकी कॉमर्स साइट पर जाकर उस प्रोडक्ट को खरीदने में सक्षम होते हैं।

डिटेल में पढ़ें  : Free Resources to Learn Digital Marketing 2022


2 क्रिप्टो करेंसी 


 क्रिप्टो करेंसी को फाइनेंस वर्ल्ड  का इंस्टाग्राम कहा गया है इसने  इंडस्ट्री में एंट्री करते ही अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है, भारत में 10 से 12 मिलियन क्रिप्टो करेंसी पर इन्वेस्ट करने वाले इन्वेस्टर और रिटर्न बड़े पैमाने पर होने के बाद यह और भी ज्यादा बढ़ रहा है। क्रिप्टो करेंसी मिलेनियल्स के लिए सबसे आकर्षक चीजों में से एक बन गई है और इसलिए हर कोई इसमें इन्वेस्ट करना चाहता हैं। क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म नई जनरेशन की आवश्यकता का उपयोग कर रहा है और लोगों को जागरूक करने के लिए एक क्रिप्टो करेंसी के मुफ्त हिस्सों को प्रेजेंट कर रहा है एवं इन्वेस्टर को इसे इसमें इन्वेस्ट करने के लिए एवेन्यू की झलक भी दे रहा है।
 

3 एनएफटी (Non-Fungible Token)


एनएफटी का पूरा नाम Non-Fungible Token है जिसका अर्थ है इसे ना तो बदला जा सकता है और ना ही इसे इंटरचेंज किया जा सकता है। यह एक यूनीक प्रॉपर्टीज है आप इसे डिजिटल Asset-NFT एक डिजिटल संपत्ति कह सकते हैं, जो आर्ट म्यूजिक और गेमिंग जैसे इंटरनेट कलेक्टीबल वस्तुओं का प्रतिनिधित्व करती है जो कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी द्वारा बनाए गए एक ऑथेंटिक सर्टिफिकेट के साथ क्रिप्टोकरंसी जैसा है। एनएफटी व्यापार बाजार में एनएफटी या आर्ट के गैर पारंपरिक रूपों की बिक्री में पूरे क्रिएटिविटी एरिया में क्रांति लाने की क्षमता है, हालांकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सामान्य है आपको बता दें कि एक अनुमान के मुताबिक 40 अरब डॉलर के बाजार के मूल्य के साथ Non-Fungible Token आर्ट के सभी कार्यों के कुल बाजार मूल्य 50 अरब डॉलर के करीब पहुंच चुका हैं, इंडस्ट्री के कई ब्रांड एवं प्रभावशाली व्यक्ति भारत में एनएफटी एवं मेटा वर्स के साथ पैसा कमा रहे हैं। बॉलीवुड एवं खेल से जुड़े हस्तियों ने अपने प्रोडक्ट की पेशकश करने के लिए स्वयं के बाजार शुरू किए हैं।


4 मेटावर्स


मेटावर्स हमारी दुनिया के भीतर एक और दुनिया है जिसे मेटावर्स के नाम से जाना जाता है। मेटावर्स वर्तमान में फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी है, यह डिजिटल स्पेस का विचार है जहां एक सार्वभौमिक एक्सपीरियंस बनाने एवं संवर्धित वास्तविकता अस्तित्व में आई है। दोनों नए और संभावित रूप से अप्रयुक्त हैं। यह भविष्य की दुनिया में एक डिजिटल रूप है जो हर संभव कार्यवाही करने में सक्षम है। गेमिंग के साथ-साथ यह बहुत कुछ कर सकता है।


5 आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस 


आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंप्यूटर साइंस की एक ऐसी ब्रांच है जिसके अंदर मशीनों में सोचने समझने एवं निर्णय लेने की क्षमता होती है, अर्थात मशीनों को इंटेलिजेंट बनाया जाता है ताकि वे इंसानों की तरह सोच समझकर फैसला ले सकें, वह भी बिना किसी इंसान की मदद के। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीनों का दिमाग है जिसकी मदद से वे सोचने समझने और निर्णय लेने में सक्षम होते हैं, वह भी बिना किसी मदद के स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं। जिस तरह इंसान का दिमाग काम करता है, वैसे ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर का दिमाग है, जो कि समस्याओं को खुद-ब-खुद हल करने में सक्षम होती है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमता कहा जाता है जिसका अर्थ है मानव निर्मित बुद्धिमता, इसे मशीनी बुद्धि या फिर मशीनी दिमाग कहा जाता है, इसकी सहायता से मशीनों को समझने में सक्षम बनाया जाता है, ताकि वे स्वयं से काम कर सके और इंसानों पर उनकी निर्भरता कम हो।
 

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