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India and America to Increase China's Tension, भारत और अमेरिका मिलकर बढ़ाएंगे चाइना की टेंशन, जानिए कैसे यहाँ

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Sat, 06 Aug 2022 10:45 PM IST

Highlights

अमेरिकी सेना भारत के साथ मिलकर चीन की सीमा के पास (वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट) संयुक्त सैन्य अभ्यास करने जा रही है.

भारत और चीन के सम्बन्ध कभी बहुत अच्छे हुआ करते थे. दोनों देशों ने कभी बौद्धमत के पंचशील सिद्धान्त के आधार पर 5 वादे किए थे जिनमें एक यह वादा भी था कि दोनों देश एक दूसरे की सीमाओं का अतिक्रमण कभी नहीं करेंगे. बावजूद, भारत से बहला फुसला कर तिब्बत को हासिल कर लेने के बाद चीन, भारत के उत्तर पूर्वी सीमांचल प्रदेश के हिस्सों को भी अपना बताने लगा. यही नहीं चीन द्वारा लद्दाख (भारतीय क्षेत्र) की पेगोंग झील वाले इलाके में पुल बनाने की कोशिश करना तो कभी सिक्किम से लगती तिब्बत ऑटोनोमस रीजन की सीमा रेखा के आगे बढ़ आना चीन की बदनीयती को हीं दर्शाता है. चीन की इन्हीं बदनियतों में एक और कड़ी अक्साई चीन और अरुणाचल प्रदेश सीमा रेखा का मुद्दा भी शामिल है. अगर अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now. / Advance GK Ebook-Free Download
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बढ़ चुकी है तल्खी

जाहिर है कि इन सब बातों की वजह से भारत और चीन के बीच तल्खी बहुत बढ़ चुकी है और लगता नहीं है कि दोनों देशों के सम्बन्ध फिलहाल अच्छे हो पाएँगे.

Source: safalta

गौरतलब है कि लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर पिछले लम्बे समय से दोनों देशों के बीच तनातनी चलती चली आ रही है. इधर भारत के बाद चीन का अमेरिका के साथ भी टकराव बढ़ना जारी है. ताइवान के ऊपर चीन की बयानबाजी ने दोनों देशों के रिश्तों में काफी कडुआहट ला दी है.

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बढ़ने वाली है चीन की टेंशन

इन सबके बीच एक ऐसी खबर आई है जिससे चीन की टेंशन बढ़ने वाली है. दरअसल, अमेरिकी सेना भारत के साथ मिलकर चीन की सीमा के पास (वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट) संयुक्त सैन्य अभ्यास करने जा रही है. भारत और अमेरिका यह युद्ध अभ्यास इसी वर्ष अक्टूबर के महीने में शुरू करने वाले हैं. दोनों देश मिल कर यह अभ्यास उत्तराखंड के औली नामक स्थान में करेंगे. 
दोनों देशों के बीच चलने वाला यह मेगा सैन्य-अभ्यास एक पखवाड़े तक जारी रहने वाला है. इस मेगा सैन्य-अभ्यास के लिए दोनों देशों की ओर से कई जटिल अभ्यासों के लिए प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं. युद्ध-अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समझ, सहयोग और अंतःक्रियाशीलता (interactivity) को बढ़ावा देना है.

भारत-अमेरिका रक्षा संबंध और समझौते

बताते चलें कि भारत-अमेरिका रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों से घनिष्ठ तथा आत्मनीय हो रहे हैं. जून 2016 में, अमेरिका ने भारत को "प्रमुख रक्षा भागीदार" के रूप में नामित भी किया था. दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट समेत कई प्रमुख रक्षा और सुरक्षा समझौते किए हैं. (यह समझौता दो देशों को गहन सहयोग प्रदान करने के अलावा सेनाओं को सप्लाई, पुनर्निर्माण और पुनःपूर्ति या रिप्लेसमेंट के लिए एक-दूसरे के ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देता है.)
 
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युद्ध अभ्यास' का यह 18वां संस्करण

रक्षा और सैन्य सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड के औली नामक स्थान में 14 से 31 अक्टूबर तक भारत और अमेरिका के बीच सैन्याभ्यास होगा. दोनों देशों के बीच 'युद्ध अभ्यास' का यह 18वां संस्करण है. विदित हो कि पिछली बार अक्टूबर 2021 में अमेरिका के अलास्का में दोनों देशों के बीच सैन्याभ्यास संपन्न हुआ था.

चीन को एक कड़ा संदेश

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास से चीन को एक कड़ा संदेश जा सकता है. गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद चीन बौखलाहट बढ़ गई है. उसने सैन्य कार्यवाहियों की धमकी के साथ हीं ताइवान की घेराबन्दी करनी भी शुरू कर दी है. चीन की आक्रामकता को देखते हुए अमेरिका ने भी अपनी सैन्य गतिविधियां हिंद-प्रशांत में तेज कर दी हैं. हाल में पूर्वी लद्दाख में पीएलए के लड़ाकू विमान एलएसी के काफी समीप उड़ान भरते देखे गए हैं. भारत ने इस पर आपत्ति जताई है.
 

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