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Multi Agency Group,मल्टी एजेंसी ग्रुप क्या है और भारत सरकार ने इसकी स्थापना क्यों की है

Safalta experts Published by: Chanchal Singh Updated Wed, 27 Jul 2022 08:23 PM IST

Highlights

इस जांच में पैराडाइज पेपर लीक, पनामा पेपर लीक और पेंडोरा पेपर लीक जैसे विदेशी संपत्ति केस की विभिन्न कैटेगरी की जांच में शामिल होगा ।

Multi Agency Group:भारत सरकार ने विदेशी संपत्ति मामलों की जांच के लिए एक मल्टी एजेंसी ग्रुप की स्थापना की है। इस समूह में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों और ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधि शामिल है। यह पैराडाइज पेपर लीक, पनामा पेपर लीक और पेंडोरा पेपर लीक जैसे विदेशी संपत्ति केस की विभिन्न कैटेगरी की जांच में शामिल होगा । अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं   FREE GK EBook- Download Now. / GK Capsule Free pdf - Download here
 

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मल्टी एजेंसी ग्रुप की स्थापना के बारे में


 स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा जमा किए गए पैसे को लेकर सरकार के पास किसी भी प्रकार की कोई ऑफिशियल अनुमान नहीं है।
 मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्विस बैंकों में भारतीय फंड 2020 के मुकाबले 2021 में बड़ा है।
 यह जमा काले धन की मात्रा का संकेत नहीं देते हैं, जो भारतीयों के पास स्विस बैंकों में जमा है। हाल के दिनों में भारत सरकार ने अघोषित विदेशी संपत्ति और आय पर कर लगाने के लिए कई सक्रिय उपाय किए हैं।
 एचएसबीसी मामले में सरकार ने 8468 करोड़ रुपए से अधिक पर टैक्स लगाया है।
 इसने 1294 करोड़ से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है।

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 काला धन और टैक्स अधिरोपण अधिनियम 2015 के अनुसार 368 मामलों का आकलन किया गया है।

Source: safalta

जिससे 14820 करोड़ से अधिक की टैक्स मांग हुई है। सरकार ने 3 महीने की अनुपालन विंडो में 4164 करोड़ रुपए की 648 अघोषित विदेशी संपत्ति का खुलासा किया है ।
यह विंडो 30 सितंबर 2015 को बंद कर दी गई थी। जिसे घोषित अधिनियम के अंतर्गत खुलासा किया गया था।

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इन मामलों में सरकार को टैक्स और जुर्माने के माध्यम से 2476 रुपए इकट्ठा किए गए थे। भारत दोनों देशों के बीच दोहरे काले धन कराधान से बचाव समझौते के अंतर्गत प्रसांगिक मामलों में जानकारी प्राप्त करने के लिए स्विट्जरलैंड के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है।

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