National Consumer Rights Day 2021:जानिए...ग्राहक होने के नाते क्या अधिकार हैं आपका

Safalta Expert Published by: Blog Safalta Updated Fri, 24 Dec 2021 05:51 PM IST

आपको बता दे कि भारत  में 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रपति के द्वारा 1986 में इस दिन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम  को  सहमति प्राप्त हुई थी। हर साल 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस  भी मनाया जाता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 संसद द्वारा अगस्त 2019 में पारित किया गया था। यह जुलाई 2020 में लागू हुआ और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (Consumer Protection Act, 1986) को प्रतिस्थापित किया गया।

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उपभोक्ता कौन है?

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Source: Safalta

कोई भी जो सामान या सेवाएं खरीदता है और बदले में उनके लिए भुगतान करता है उपभोक्ता कहलाता है जैसे हम आप जो भी कुछ खरीद रहे बदले में उस कुछ भुगतान कर रहे उपभोक्ता कहलाते हैं।

भारत में उपभोक्ता अधिकार क्या हैं?

सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चुनने का अधिकार, सुनने का अधिकार, निवारण का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार, अर्थात् उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम द्वारा 6 बुनियादी अधिकारों की गारंटी दी गई है।

1.उत्पाद चुनने का अधिकार

2.सभी प्रकार के खतरनाक सामानों से सुरक्षा का अधिकार

3.सभी उत्पादों के प्रदर्शन और गुणवत्ता के बारे में सूचित होने का अधिकार

4.उपभोक्ता हितों से संबंधित सभी निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सुनवाई का अधिकार

5.जब भी उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन किया गया हो, तो निवारण प्राप्त करने का अधिकार

6.उपभोक्ता शिक्षा पूर्ण करने का अधिकार

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उपभोक्ता इन के लिए शिकायत कर सकते हैं।

उत्पाद दायित्व कार्रवाई (आधार)

- निर्माण में दोष

- डिजाइन में दोष

- विनिर्माण विनिर्देशों से विचलन

- एक्सप्रेस वारंटी के अनुरूप नहीं

- सही उपयोग के लिए पर्याप्त निर्देश शामिल करने में विफल

- प्रदान की गई सेवा-दोषपूर्ण, अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण

अगर दुकान्दार मिलावटी या नकली सामान के निर्माण या बिक्री के लिए पकड़ा जाता है तो उसकी क्या सजा इस प्रकार है। 

सक्षम न्यायालय किसी व्यक्ति को प्रथम दोषसिद्धि के मामले में 2 वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी लाइसेंस को निलंबित कर सकता है। दूसरी या बाद में दोषसिद्धि के मामले में, लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

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