President Election Process in India: चुनाव आयोग ने जारी की 16वें राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना. जानिए कैसे होता है चुनाव

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Fri, 10 Jun 2022 11:43 AM IST

कल 9 जून 2022 को भारतीय चुनाव आयोग ने 16वें राष्ट्रपति पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गयी है. वर्त्तमान राष्ट्रपति माननीय श्री रामनाथ कोविंद जी का कार्यकाल 24 जुलाई 2022 को समाप्त होने जा रहा है. भारत में राष्ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया, चुनाव आयोग के द्वारा संचालित की जाती है. भारतीय संविधान के भाग 5 की अनुच्छेद संख्या 62 के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात उत्पन्न होने वाली पद की रिक्ति को भरने के लिए वर्त्तमान राष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने के पूर्व हीं नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव प्रक्रिया का सञ्चालन करना होता है, ताकि पद के रिक्ति की स्थिति उत्पन्न ना हो. नए राष्ट्रपति के चुनाव की अधिसूचना वर्त्तमान राष्ट्रपति की पदावधि समाप्त होने के 60 दिन पूर्व या उसके बाद जारी की जा सकती है. अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now. 
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आगे होने वाली राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले निर्वाचन मंडल में संसद के सदस्य और विधायक शामिल का उपयोग किया जायेगा.

Source: Safalta

संसद में शामिल मनोनीत सदस्य, सभी राज्यों की विधान सभाओं में शामिल मनोनीत सदस्य, विधान परिषदों के निर्वाचित एवं मनोनीत सदस्य और दिल्ली एवं पुदुचेरी की विधान सभाओं के मनोनीत सदस्य इस चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते. राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में भाग नहीं लेते.

ज्ञातव्य हो कि राष्ट्रपति पद के लिए होने वाली चुनाव प्रक्रिया एक अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया होती है. संविधान के भाग 5 के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज में शामिल सदस्यों के माध्यम से होता है.

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पहले इलेक्टोरल कॉलेज में लोकसभा के निर्वाचित सदस्य, राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य, सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य हीं शामिल होते थे लेकिन 1992 के 70वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा दिल्ली और पुदुचेरी के विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को भी इलेक्टोरल कॉलेज में शामिल कर दिया गया. यह यह वोटिंग प्रक्रिया सीक्रेट वैलेट के माध्यम से संपन्न की जाती है. इस वोटिंग प्रक्रिया में हर एक सदस्य के पास एक सिंगल ट्रान्सफरेबल वोट होता है. जीतने के लिए कितने वोट चाहिए यह पहले से हीं निर्धारित होता है.  वोटिंग करने वाले  सदस्य प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों के नाम के आगे अल्फ़ाबेटिकल या रोमन में 1, 2 या 3 अंक अंकित करते हैं. ये अपनी प्राथमिकताओं को शब्दों के माध्यम से अंकित नहीं कर सकते. अगर कोई सदस्य अपनी पहली प्राथमिकता अंकित नहीं करता और बाकी के दो करता भी है तो उसका वोट रद्द हो जाता है. मतदान केंद्र में डेजिगनेटेड ऑफिसर्स द्वारा मतपत्र के साथ अपना पेन भी उपलब्ध कराया जाता है.
 
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राष्ट्रपति बनने के लिए क्या-क्या योग्यताएँ आवश्यक हैं ?

भारत के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति के लिए -
  • व्यक्ति का भारत का नागरिक होना आवश्यक है.
  • उम्मीदवार की  35 वर्ष की आयु पूर्ण होनी चाहिए .
  • वह लोकसभा का सदस्य बनने के लिए आवश्यक सभी शर्तों को पूर्ण करता हो.
  • उम्मीदवार किसी सरकारी लाभ के पद पर पदस्थापित ना हो.
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कैसे होती है वोटों की गिनती ?
  • सबसे अधिक वोट मिल जाने से जीत नहीं होती है बल्कि
  • वोट वैल्यू के आधे से अधिक वोट मिलने पर जीत होती है.
  • पहले से हीं तय कर लिया जाता है कि कितने वोट मिलने पर जीत सुनिश्चित होगी.
  • चुनाव जीतने के लिए 5,49,452 वोट आवश्यक है.

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