SMILE Scheme: आजीविका और उद्यम के लिए सीमांत व्यक्तियों के लिए सहायता ” योजना क्या है?

safalta experts Published by: Chanchal Singh Updated Sun, 13 Feb 2022 04:12 PM IST

Highlights

1.ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास  योजना।
2.भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना।

SMILE SCHEME:सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 12 फरवरी, 2022 को नई दिल्ली में  आजीविका और उद्यम के लिए सीमांत व्यक्तियों के लिए सहायता ”(“SMILE: Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise”) योजना लांच की है।
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आजीविका और उद्यम के लिए सीमांत व्यक्तियों के लिए सहायता ” योजना क्या है


आजीविका और उद्यम के लिए सीमांत व्यक्तियों के लिए सहायता योजना ” एक केंद्रीय स्तरीय  योजना है। इसे Livelihoods and Enterprises के लिए मार्जिनल लोगों के सहायता के लिए तैयार किया गया है। इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार के द्वारा लॉन्च किया गया। यह योजना ट्रांसजेंडर समुदाय और भीख मांगने का काम करने वाले लोगों के लिए एक कल्याणकारी उपाय प्रदान देने के लिए तैयार की गई है।

इस योजना में 2 उप-योजनाएं शामिल हैं 


1.ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास  योजना।
2.भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना।

इस योजना के मुख्य उद्देश्य


SMILE योजना उन अधिकारों की पहुंच को मजबूत और विस्तारित करने का प्रयास करती है साथ ही ये टारगेटेड समूह को आवश्यक कानूनी सुरक्षा और सुरक्षित जीवन देती है। यह पहचान, शिक्षा, चिकित्सा देखभाल, आश्रय और व्यावसायिक अवसरों के कई आयामों के माध्यम से आवश्यक सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखता है।
 

‘ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना’ के कंपोनेंट इस प्रकार से  शामिल हैं


1. 11 वीं कक्षा में पढ़ रहे ट्रांसजेंडर छात्रों और स्नातकोत्तर तक अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए छात्रवृत्ति दिया जाएगा।
2.पीएम-दक्ष योजना के तहत कौशल विकास और आजीविका का विकास।
3.चयनित अस्पतालों के जरिए से लिंग-पुष्टिकरण सर्जरी का समर्थन करने के लिए PM-JAY के Holistic Medicine Health Package in Convergence
4.आसरा घर ‘गरिमा गृह’, जहां सभी आधार सुविधाएं (भोजन, वस्त्र, चिकित्सा सहायता) मनोरंजन सुविधाएं और कौशल विकास के अवसर दिए जाएंगे।
5.अपराधों के मामलों की निगरानी और समय पर पंजीकरण, जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राज्य में ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल की स्थापना की जाएगी।
6.‘भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास’ के घटक
7.आसरा घरों में मौजूद सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भीख मांगने में लगे व्यक्तियों को जुटाने के लिए आउटरीच कार्य किया जाएगा।
8.आश्रय गृह में भीख मांगने वाले बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा की व्यवस्था किया जाएगा।
9.इम्प्लिमेंटेशन एजेंसियों द्वारा लाभार्थियों का सर्वेक्षण और पहचान।
10.मंत्रालय ने फाइनेंशियल वर्ष 2021-22 से 2025-26 के लिए योजना हेतु 365 करोड़ रुपये निकाले हैं।
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