Daily Top 5 Current Affairs: यहां 27 जनवरी का करेंट अफेयर्स हिंदी में पढ़ें

safalta experts Published by: Chanchal Singh Updated Thu, 27 Jan 2022 06:30 PM IST

Highlights

कौन हैं बुद्धदेव भट्टाचार्य और संध्या मुखर्जी जिन्होंने पद्म पुरस्कार लेने से किया इंकार?
गहरे हो रहे हैं चीन और भारत के व्यापारीक संबंध।
पद्म पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है, जाने किसे मिलेगा इस वर्ष पद्म पुरस्कार।

 

Daily Top 5 Current Affairs- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए ये लेख काफी लाभकारी होने वाला हैं क्योकि इस लेख के जरिए Current Affairs के महत्वपूर्ण टॉपिक्स को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहें स्टूडेंट्स तक पहुंचाने का एक प्रयास किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को अपनी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने में मदद मिल सके।

1. जानिए डेकाकॉर्न क्या है?

दस अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल करने वाले स्टॉर्टअप को डेकाकॉर्न कहा जाता है। यह एक ऐसा  निजी फर्म हैं जिनका मूल्य 10 अरब डालर से अधिक होता है। हाल ही में स्विगी ने इस टैग हासिल करने वाली चौथी भारतीय कंपनी बन गई है। अन्य तीन कंपनियां जो पहले से ही यह टैग हासिल कर चुकी हैं, वे हैं पेटीएम, ओयो और बायजूज । विश्वभर में  फेसबुक दुनिया का पहला डेकाकॉर्न है। 
डेकाकॉर्न क्यों चर्चे में है?
हालही में जब स्विगी ने डेकाकॉर्न का टैग हासिल किया तब से डेकाकॉर्न चर्चे में है।
जानिए डेकाकॉर्न के अलावा हेक्टाकॉर्न और यूनिकॉर्न के विषय में।
100 अरब डॉलर वैल्यूएशन हासिल करने वाली स्टार्टअप कंपनी को हेक्टोकॉर्न कहा जाता है।
जिन कंपनियों का वैल्यूएशन 1 अरब या इससे अधिक होता है वह कम्पनी यूनिकॉर्न कंपनियां कहलाती है।

2.पद्म पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है, जाने किसे मिलेगा इस वर्ष पद्म पुरस्कार।

गणतंत्र दिवस के शाम के राष्ट्रपति ने साल 2022 में पद्म पुरस्कार मिलने वाले लोगों के नाम की सूची घोसित कर दी है, आइए जानते हैं इस वर्ष पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाले लोगों के नाम। सरकार द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार देश के पहले सीडीएस जनरल बीपीन रावत और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को इस साल 2022 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष 4 लोगों को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही 17 लोगों को पद्म भूषण और 107 लोगों को पद्म श्री से उनके किए गए  कार्यक्षेत्र के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस साल कुल 128 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है।

3.कौन हैं बुद्धदेव भट्टाचार्य और संध्या मुखर्जी जिन्होंने पद्म पुरस्कार लेने से किया इंकार?

बुद्धदेव भट्टाचार्य साल 2000 से लेकर साल 2011 तक बंगाल के  मुख्यमंत्री रहे हैं। ये मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता थे। उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से बांग्ला साहित्य की पढ़ाई की और बांग्ला (ऑनर्स) में बीए डिग्री लिया था। 1977 में भट्टाचार्य ने कोसीपोर सीट से अपना पहला विधान सभा चुनाव जीता, जिसके बाद साल 2000 में बुद्धदेव भट्टाचार्य को ज्योति बसु के स्थान पर मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। साल 2011 में बुद्धदेव ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रस से हार गई, जिसके बाद अब तक बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार सत्ता में है।

संध्या मुखर्जी 60 -70 के दशक की गायकों में से एक हैं, इन्होनें अपनी करियर की शुरुआत हिंदी फिल्मों से की। संध्या ने 17 हिंदी फिल्मों के लिए गाना गाया है। इनके आवाज को 60-70 के दशक की सबसे मधुर आवाजों में से एक माना गया है। संध्या ने हजारों गैर बंगाली और बंगाली गीत गाए हैं। साल 2011 में  2011 में संध्या मुखर्जी को पश्चिम बंगाल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बंग विभूषण' मिला था। उन्हें 'जय जयंती' नाम की एक बंगाली फिल्म के लिए 1970 में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

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4.गहरे हो रहे हैं चीन और भारत के व्यापारीक संबंध

पिछले दो सालों में भारत और चीन के संबंध में कई उतार चढ़ाव देखे हैं। इस बीच  साल 2021 में पहली बार चीन से भारत में  हो रहे आयात  करीब 100 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान, विशेष रूप से स्मार्टफोन, मशीनरी, उर्वरक, विशेष रसायनों और सक्रिय दवा सामग्री के आयात में भारी उछाल देखा गया है। चीन के कस्टम विभाग (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स ऑफ द पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) के आंकड़ों के अनुसार 2021 में भारत को होने वाला निर्यात 97.52 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया जबकि कुल दोतरफा द्विपक्षीय व्यापार 125.66 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

5. विनोदानंद झा चुने गए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के नए अध्यक्ष 

पीएमएलए एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी एक तीन सदस्यीय निकाय है जिसे  प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए संपत्ति के आदेशों की जांच करना है। साथ ही इसकी निरंतरता और आगे की जब्ती या रिहाई  किए गए संपत्ति को जांच कर उनके गुणों को देखते हुए आदेश देना है।
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 भारत की संसद का एक अधिनियम है। जिसे धन शोधन को रोकने और धन शोधन से प्राप्त संपत्ति को जब्त करने के लिए NDAसरकार द्वारा अधिनियमित किया गया है 
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