Weekly Current Affair : 12 September से 18 September तक के करंट अफेयर यहां पढ़े।

safalta expert Published by: Chanchal Singh Updated Sun, 18 Sep 2022 05:24 PM IST

Weekly current affair : अगर आप भी किसी प्रकार के प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह लेख बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसमें हम आज आपके लिए लाए हैं राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के करंट अफेयर। जो कि आपके प्रतियोगी परीक्षा के लिए लाभदायक हो सकता है। इस लेख का एक मात्र उद्देश्य यह है कि इस लेख से ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे छात्रों की सहायता करना है। वीकली करंट अफेयर के विषय में पढ़ने के लिए नीचे स्क्रोल कीजिए।  अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं   FREE GK EBook- Download Now. / GK Capsule Free pdf - Download here

What Is Taragiri, तारागिरी क्या है जिसे नौसेना ने प्रोजेक्ट 17a के तीसरे स्टील्य युद्धपोत के तहत लॉन्च किया है

What Is Taragiri - भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17a के तीसरे स्टील्य युद्धपोत तारागिरी को रविवार 11 सितंबर 2022 को मुंबई में लांच किया गया है। यह जानकारी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स एमडीएनएल ने दी है। इस जहाज का निर्माण एक एकीकृत निर्माण पद्धति का उपयोग करके तैयार किया गया है। जिसमें विभिन्न ज्योग्राफिकल स्थानों में हल ब्लॉक निर्माण और एमडीएल में स्लीपवे एकीकरण और निर्माण शामिल है। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 11 सितंबर को (क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के निधन) के कारण राजकीय शोक की घोषणा करने वाली अधिसूचना के अनुपालन के कारण यह कार्यक्रम एक टेक्नोलॉजी लांच तक ही सीमित था।
युद्धपोत का नाम किसने रखा है

 तारागिरी पोत का नाम नौसेना पत्नी कल्याण संघ (पश्चिमी क्षेत्र) के अध्यक्ष चारु सिंह, वाइस एडमिरल आजेंद्र बहादुर सिंह, FOC-IN-MR पश्चिमी नौसेना कमान की पत्नी ने रखा है। तारागिरी जहाज की डिलीवरी अगस्त 2025 तक होने की उम्मीद बताई गई है।
इस पोत को 3510 टन के अनुमानित प्रक्षेपण भार के साथ लॉन्च किया गया है।

फ्रिगेट को भारतीय नौसेना के इन - हाउस डिज़ाइन ऑर्गेनाइजेशन ब्यूरो नेवल डिजाइन के द्वारा तैयार किया गया है जहाज के डिजाइन और निर्माण का काम पूरा किया है जिसकी देखरेख युद्धपोत निगरानी में किया गया है।

प्रोजेक्ट 17a का कुल मूल्य लगभग ₹25700 करोड़ रुपये रखा गया है।
प्रोजेक्ट 17a का पहला जहाज कौन था?

प्रोजेक्ट 17a का पहला जहाज नीलगिरी था जो कि 28 सितंबर 2019 को लांच किया गया था, और 2024 की पहली छमाही में समुद्री परीक्षण के लिए लाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का दूसरी श्रेणी का जहाज उदयगिरि है जिसे 17 मई को लांच किया गया था।  इसे भी 2024 की दूसरी छमाही के दौरान इसकी भी समुद्री परीक्षण होने की उम्मीद बताई गई है।
 
 
International Day for South-South Cooperation, दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2022 क्या है, और इसे क्यों मनाया जाता है

International Day for South-South Cooperation, संयुक्त राष्ट्र की ओर से हर साल 12 सितंबर को दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह दिन विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डालने एवं लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन दक्षिणी क्षेत्र में स्थित देशों के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक पहल है। आइए जानते हैं इसके बारे में
दक्षिण-दक्षिण सहयोग क्या है 

दक्षिण-दक्षिण सहयोग ग्लोबल साउथ में डेवलपिंग देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। ग्लोबल साउथ के देशों के बीच तकनीकी सहयोग राजनीतिक कम्युनिकेशन की सहायता से देशों के बीच राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय वार्ता शक्ति को स्ट्रांग करने के एक अग्रणी प्रयास के रूप में शुरू किया गया था। दक्षिण-दक्षिण सहयोग डेवलपिंग देशों को नॉलेज विशेषज्ञता स्किल और रिसोर्सेज को शेयर करने में मदद करता है ताकि उनके डेवलपिंग राष्ट्रों को नॉलेज, स्किल, और रिसोर्सेस को शेयर करने में सहायता करेगा ताकि उन देशों के विकास के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों को पुरा किया जा सके। 
 इस दिन का महत्व क्या है 

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दक्षिण दक्षिण सहयोग के लिए, यह पहल स्पष्ट रूप से दक्षिण क्षेत्र के लोगों और देशों के बीच एकजुटता को दर्शाती है और उनके विकास के लिए सहयोग करती है। यह लोगों की राष्ट्रीय और सामूहिक आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेशनल लेवल पर सहमत डेवलपमेंट लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ सतत विकास के लक्ष्यों के साथ साथ सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडा को भी बताता है।
 ब्यूनस आयर्स प्लान ऑफ एक्शन (BAPA) क्या है
 ब्यूनस आयर्स प्लान आफ एक्शन BAPA को 138 सदस्य देशों द्वारा डेवलपिंग देशों के बीच टेक्नोलॉजी हेल्प को बढ़ावा देने और लागू करने के उद्देश्य से 1978 में अपनाया गया था।

 दक्षिण-दक्षिण सहयोग का उद्देश्य क्या है 
विकासशील देशों के बीच आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और विकास के मार्ग में आने वाली उनकी समस्याओं के लिए समाधान खोजना, साथ ही एक दूसरे के साथ अनुभवों का आदान प्रदान करके देशों को आत्मनिर्भर बनाना है।
 
What is Operation London Bridge, ऑपरेशन लंदन ब्रिज क्या है, आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से

What is Operation London Bridge : ब्रिटिश सिंहासन पर 70 साल से अधिक समय तक राज करने वाली क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार 8 सितंबर 2022 को 96 साल की उम्र में मृत्यु हो गयी है। एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद 1960 के दशक में मोनार्क की मृत्यु के समय में बनाई गई योजना को लागू किया गया है। जिसे 10 दिन लंबा एक लिस्ट के साथ कार्यक्रम का आयोजित किया गया है। यह 10 दिन तक कार्यक्रम के अंतिम संस्कार के साथ समाप्त होता है। जिसे ऑपरेशन लंदन ब्रिज कहा जाता है। 
आइए जानते हैं ऑपरेशन लंदन ब्रिज के बारे में

 ब्रिटेन में राज्य के प्रमुख की मृत्यु के बाद तय कार्यक्रमों की योजना को ही ऑपरेशन लंदन ब्रिज कहा जाता है। इसे पहली बार 2017 में ब्रिटेन के न्यूज़पेपर द गार्जियन और 2021 में पॉलीटिको द्वारा लंदन ब्रिज के बारे में रिपोर्ट किया गया था। स्कॉटलैंड में उनके पसंदीदा महल में उनकी मृत्यु के हिस्से का कोड नेम ऑपरेशन यूनिकॉर्न रखा गया था। यह प्रोटोकॉल वास्तव में अंतिम संस्कार प्रोसेस सहित प्रमुख सैन्य मामलों और प्रक्रियाओं को विस्तृत रूप में बताता है। स्कीम में इनकी मृत्यु के बाद के दिन को डी प्लस वन D+1 और उनके अंतिम संस्कार के दिन को डी प्लस 10 D+10 के रूप में बताया गया है। इस अवधि के दौरान ब्रिटिश संदेश शोक संदेश भेजकर इन 10 दिनों के बीच के लिए कामकाज को स्थगित कर दिया जाता है।
 ब्रिटिश शासन का अगला शासक कौन होगा

 इस लंदन ब्रिज योजना के मुताबिक ब्रिटिश पीएम को सूचित करने के बाद क्वीन की मृत्यु की जानकारी पहले उन देशों को दी जाती है जहां वह राज्य की प्रमुख थी जिसके बाद 38 अन्य कॉमनवेल्थ देशों को मृत्यु की सूचना दी जाती है। इसके अलावा क्वीन की मृत्यु का अर्थ है प्रिंस का किंग बनना यहां प्रिंसेस का क्वीन बनना। जिसमें इस केस में प्रिंस चार्ल्स तुरंत 14 राष्ट्रमंडल क्षेत्रों के राजा और राज्य के प्रमुख बन जाएंगे।
 
 
World First Aid Day 2022, विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस का इतिहास और महत्व क्या है

World First Aid Day 2022 : विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस हर साल सितंबर महीने की दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस साल विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस 2022 10 सितंबर को मनाया गया है। इस दिन को प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट ऐड डे के महत्व को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर में मनाया गया है। जो कि एक महत्वपूर्ण मौलिक कौशल है और वैश्विक स्तर पर इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है, कि यह कैसे कीमती जीवन को बचा सकता है। इस दिन की शुरुआत सबसे पहले इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसायटी ने की थी।
 वर्ल्ड फर्स्ट ऐड 2022 की थीम क्या है 

विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस 2022 का थीम आईएफआरसी के मुताबिक,  ''आजीवन प्राथमिक चिकित्सा सीखने के महत्व को आगे बढ़ा रहे हैं'' व्यक्ति का उम्र चाहे कुछ भी हो उसे फर्स्ट ऐड स्किल और नॉलेज होना बहुत महत्वपूर्ण है जो कि एक सुरक्षित और स्वस्थ समुदाय बनाने में सहायता करती है। बच्चों वयस्कों को या बड़े वयस्कों को को भी प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी होनी चाहिए और वे फर्स्ट ऐड करने में सक्षम होने चाहिए।
 फर्स्ट ऐड डे का महत्व क्या है 

हर साल विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस लोगों के बीच फर्स्ट ऐड के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और मानवीय सशक्तिकरण की अधिनियम के रूप में और व्यापक दृष्टिकोण के एक मूलभूत हिस्से के रूप में मनाया जाता है। यह दिन लोगों की धारणा को सुधारने के लिए मनाया जाता है कि प्राथमिक चिकित्सा कोई भी कर सकता है इसके लिए केवल शिक्षा, स्किल और ज्ञान की आवश्यकता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि प्राथमिक चिकित्सा के लिए नर्स या डॉक्टर हो। इस साल प्राथमिक चिकित्सा दिवस कार्यक्रम का समन्वय ग्लोबल फर्स्ट एड के द्वारा किया जाएगा जो राष्ट्रीय कमेटी को आवश्यक रिसोर्सेज प्रोवाइड करेगा।
 विश्व चिकित्सा दिवस का इतिहास क्या है

विश्व चिकित्सा दिवस का इतिहास 1859 में सोलफेरिनो की लड़ाई के पहले से है। जिनेवा के युवा बिजनेस हेनरी ड्यूनेंट, उस समय लोगों के गंभीर नरसंहार से भयभीत और परेशान थे उन्होंने कई गंभीर रूप से घायल लोगों की सहायता की थी इस घटना ने उन्हें इतना प्रेरित किया उन्होंने  ए मेमोरी ऑफ सोलफेरिनो नामक एक किताब लिखी है। उन्होंने अपने एक्सपीरियंस को साझा किया और अंत में सह-संस्थापक के रूप में रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति का गठन किया ताकि फर्स्ट एजुकेशन की कमी के कारण जीवन के नुकसान को रोकने के लिए तत्काल प्राइमरी देखभाल प्रोवाइड की जा सके। साल 2000 में आईएफआरसी ने ऑफिस्यल रूप से सितंबर के दूसरे शनिवार को फर्स्ट डे के रूप में नामित किया था।
 
 
World First Aid Day 2022, विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस का इतिहास और महत्व क्या है

World First Aid Day 2022 : विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस हर साल सितंबर महीने की दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस साल विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस 2022 10 सितंबर को मनाया गया है। इस दिन को प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट ऐड डे के महत्व को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर में मनाया गया है। जो कि एक महत्वपूर्ण मौलिक कौशल है और वैश्विक स्तर पर इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है, कि यह कैसे कीमती जीवन को बचा सकता है। इस दिन की शुरुआत सबसे पहले इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसायटी ने की थी।
 वर्ल्ड फर्स्ट ऐड 2022 की थीम क्या है 

विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस 2022 का थीम आईएफआरसी के मुताबिक,  ''आजीवन प्राथमिक चिकित्सा सीखने के महत्व को आगे बढ़ा रहे हैं'' व्यक्ति का उम्र चाहे कुछ भी हो उसे फर्स्ट ऐड स्किल और नॉलेज होना बहुत महत्वपूर्ण है जो कि एक सुरक्षित और स्वस्थ समुदाय बनाने में सहायता करती है। बच्चों वयस्कों को या बड़े वयस्कों को को भी प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी होनी चाहिए और वे फर्स्ट ऐड करने में सक्षम होने चाहिए।
 फर्स्ट ऐड डे का महत्व क्या है 

हर साल विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस लोगों के बीच फर्स्ट ऐड के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और मानवीय सशक्तिकरण की अधिनियम के रूप में और व्यापक दृष्टिकोण के एक मूलभूत हिस्से के रूप में मनाया जाता है। यह दिन लोगों की धारणा को सुधारने के लिए मनाया जाता है कि प्राथमिक चिकित्सा कोई भी कर सकता है इसके लिए केवल शिक्षा, स्किल और ज्ञान की आवश्यकता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि प्राथमिक चिकित्सा के लिए नर्स या डॉक्टर हो। इस साल प्राथमिक चिकित्सा दिवस कार्यक्रम का समन्वय ग्लोबल फर्स्ट एड के द्वारा किया जाएगा जो राष्ट्रीय कमेटी को आवश्यक रिसोर्सेज प्रोवाइड करेगा।
 विश्व चिकित्सा दिवस का इतिहास क्या है

विश्व चिकित्सा दिवस का इतिहास 1859 में सोलफेरिनो की लड़ाई के पहले से है। जिनेवा के युवा बिजनेस हेनरी ड्यूनेंट, उस समय लोगों के गंभीर नरसंहार से भयभीत और परेशान थे उन्होंने कई गंभीर रूप से घायल लोगों की सहायता की थी इस घटना ने उन्हें इतना प्रेरित किया उन्होंने  ए मेमोरी ऑफ सोलफेरिनो नामक एक किताब लिखी है। उन्होंने अपने एक्सपीरियंस को साझा किया और अंत में सह-संस्थापक के रूप में रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति का गठन किया ताकि फर्स्ट एजुकेशन की कमी के कारण जीवन के नुकसान को रोकने के लिए तत्काल प्राइमरी देखभाल प्रोवाइड की जा सके। साल 2000 में आईएफआरसी ने ऑफिस्यल रूप से सितंबर के दूसरे शनिवार को फर्स्ट डे के रूप में नामित किया था।
 
What is SETU Program and MAARG, SETU प्रोग्राम और MAARG क्या है, जाने विस्तार से
What is SETU Program and MAARG : भारत में उद्यमियों को यूएस बेस्ड ने इन्वेस्टर से जोड़ने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सेतु परिवर्तन और  अपस्किलिंग में उद्यमियों का समर्थन) नाम से एक प्रोग्राम तैयार किया है। सेतु के साथ अमेरिका में मेंटर जो उद्यमिता का समर्थन करने के लिए उत्सुक है वह भारत के फर्मा से जुड़ सकते हैं, जो अभी अभी शुरू हुए हैं और शुरू हो रहे हैं। इस पहल को भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ इसके विकास के लिए चर्चा के दौरान पेश किया गया।
 इस लेख के मुख्य बिंदु

 मीटिंग के मुख्य विषय थे कि कैसे सैन फ्रांसिस्को खाड़ी एरिया के शुरुआती चरण की भारतीय फर्माों की सलाह के घरेलू निगमन और सफल प्रवासी निवासियों को बढ़ावा दिया जाए।
 यह प्रोजेक्ट भारत में व्यवसायों को इन्वेस्टर्स और अमेरिका में स्टार्टअप इकोसिस्टम के नेताओं से जोड़कर वित्तपोषण, बाजार पहुंच और व्यवसायीकरण सहित कई एरिया में परामर्श और सहायता प्रोवाइड की जाएगी।
MAARG  क्या है

 स्टार्टअप इंडिया पहल के मार्ग MAARG (मेंटरशिप एडवाइजरी, असिस्टेंट रेजिलिएशन एंड ग्रोथ) प्रोग्राम द्वारा बनाई गई मेंटरशिप साइट के सहायता से भारतीय व्यवसाय के लिए एक ऑल इन वन संसाधन हितधारको के बीच बातचीत को सरल बनाया जाएगा।
अनुमानों के अनुसार आधे से अधिक अच्छी तरह से वित्त पोषित बिजनस और 90% से अधिक स्टार्टअप अपने पहले प्राइमरी चरण के दौरान ही फेल हो जाते हैं। कंपनी मैनेजमेंट अनुभव की कमी भी इसमें एक बड़ी चुनौती और समस्या है, और उद्यमियों को निर्णय लेने के साथ-साथ नैतिक समर्थन के लिए सही सलाह की आवश्यकता होती है। दुनिया भर के मेंटर्स को MAARG  में आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही 200 से अधिक सलाहकार MAARG में शामिल हो गए हैं।
 सभी प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर 

भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री कौन हैं?
 पीयूष गोयल।
 संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति कौन है?
 जो बिडेन।
 संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी क्या है?
वाशिंगटन।
MAARG का फुल फॉर्म क्या है ?
MAARG - मेंटरशिप, एडवाइजरी, असिस्टेंट रेजिलिएशन एंड ग्रोथ।
 
 
13 सितंबर 2022
 
GK Q&A on Hindi Diwas 2022, हिंदी भाषा से जुड़े ऑब्जेक्टिव प्रश्न - उत्तर
 
GK Q&A on Hindi Diwas 2022: हिंदी हमारी मातृभाषा है और हर साल राष्ट्रीय स्तर पर 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश में हिंदी के महत्व और इसे बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। हिंदी भाषा में बहुत सारे कवियों, लेखकों और पत्रकारों ने अपना योगदान दिया है और हिंदी को समृद्ध बनाया है। भारत के अलावा विश्व के अन्य देशों में भी हिंदी भाषा का उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं हिंदी भाषा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण ऑब्जेक्टिव प्रश्न - उत्तर जो आपके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बनाए गए हैं।
 
1. हिंदी भाषा की पहली कविता किस कवि या लेखक ने लिखी थी?
(A) रहिम दास
(B) तुलसीदास
(C) सूरदास
(D) अमीर खुसरो
 
अमीर खुसरो
 
2. हिंदी साहित्य के इतिहास पर पहला लेख किसने लिखा था?
(A) रामचंद्र शुक्ल
(B) निराला
(C) ग्रासिन द तैसी
(D) प्रेमचंद
 
ग्रासिन द तैसी
 
3. भारत के अलावा दुनिया के कितने विश्व विद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है?
(A) 46
(B) 102
(C) 176
(D) 274
 
176
 
4. गूगल ने अपने सर्च इंजिन में हिंदी में खोज की सुविधा कब शुरू की?
(A) 2008
(B) 1989
(C) 2009
(D) 2015
 
2009
 
5.

Source: Safalta

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है?
(A) 17 अगस्त
(B) 23 जनवरी
(C) 14 सितंबर
(D) 10 मई
 
14 सितंबर
 
6. पहली बार किस हिंदी फिल्म की शूटिंग विदेश में भी की गई?
(A) संगम
(B) गाइड
(C) चांदनी
(D) धर्मात्मा
 
संगम
 
7. हिंदी भाषा में कितने स्वर और कितने व्यंजन हैं?
(A) 12 स्वर और 20 व्यंजन
(B) 15 स्वर और 32 व्यंजन
(C) 11 स्वर और 33 व्यंजन
(D) 10 स्वर और 38 व्यंजन
 
11 स्वर और 33 व्यंजन
 
8.

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हिंदी में पहली प्रकाशित किताब किसे माना जाता है?
(A) लल्लू लाल की प्रेम सागर
(B) प्रेमचंद की गबन
(C) चंद्रधर शर्मा गुलेरी की चंद्रकांता
(D) विष्णु गुप्त की पंचतंत्र कहानी
 
लल्लू लाल की प्रेम सागर
 
9. हिंदी किस लिपि में लिखी जाती है?
(A) देवनागरी
(B) ब्रह्मी
(C) दक्खिनी
(D) रोमन
 
 देवनागरी
 
10. हिंदी लिखने के लिए किस बोली को आधार बनाया गया है?
(A) तमिल
(B) खड़ी बोली
(C) ब्रज
(D) मराठी
 
 खड़ी बोली
 
11. शेखर एक जीवनी क्या है?
(A) उपन्यास
(B) जीवनी
(C) कविता
(D) यात्रा वृतांत
 
उपन्यास
 
12. ज्ञ क्या है?
(A) दिर्घ व्यंजन
(B) लघु स्वर
(C) संयुक्त व्यंजन
(D) दीर्घ स्वर
 
संयुक्त व्यंजन
 
13. हिन्दी में वेब एड्रेस बनाने की सुविधा कब शुरू हुई?
(A) 1998
(B) 2017
(C) 2011
(D) 2009
 
 2011
 
14. हिंदी शब्द किस भाषा का है?
(A) मराठी
(B) फारसी
(C)संस्कृत
(D) गुजराती
 
फारसी
 
15. हिंदी वर्णमाला में कितने अक्षर हैं?
(A) 35
(B) 49
(C) 52
(D) 50
 
 52
 

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16. संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया?
(A) विवेकानंद
(B) अटल बिहारी वाजपेयी
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) महात्मा गांधी
 
अटल बिहारी वाजपेयी
 
17. हिंदी की पहली फिल्म कौन सी है?
(A) आलमआरा
(B) राम तेरी गंगा मैली हो गई
(C) सोले
(D) कभी खुशी कभी गम
 
 आलमआरा
 
18. हिंदी के पहले समाचार पत्र का नाम क्या था?
(A) युवा
(B) हरिजन
(C) उदंत मार्तंड
(D) गबन
 
उदंत मार्तंड
 
19. देश का पहला राज्य जिसने हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया?
(A) मध्य प्रदेश
(B) उत्तराखंड
(C)दिल्ली
(D) बिहार
 
बिहार
 
20. किस साल में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला?
(A) 1947
(B) 1948
(C) 1950
(D) 1951
 
1950
 
21. संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में पहला संबोधन कब दिया गया?
(A) 1977
(B) 1950
(C) 1948
(D) 2015
 
1977
 
22. हिंदी भाषा पर पहला शोध कार्य 'द थिओलॉजी ऑफ तुलसीदास' किसने किया था?
(A) बाल गंगाधर तिलक
(B) महात्मागांधी
(C) जेआर कारपेंटर
(D) लाला लाजपतराय
 
जेआर कारपेंटर
 
23. हिंदी में लिखी गई संविधान की मूल प्रति पर संविधान सभा ने कब साइन किए?
(A) 2 जनवरी 1950
(B) 26 जनवरी 1949
(C) 15 अगस्त 1947
(D) 23 जनवरी 1951
 
2 जनवरी 1950
 
24. हिंदी में उपन्यास सम्राट की उपाधि से किस साहित्यकार को मिली है?
(A) जयशंकर प्रसाद
(B) प्रेमचंद
(C) निराला
(D) तुलसी दास
 
प्रेमचंद
 
25. ऑस्कर पुरस्कार के लिए नॉमिनेट की गई पहली हिंदी फिल्म कौन सी थी?
(A) हरिशचंद्र
(B) मदर इंडिया
(C) मुगल-ए-आज़म
(D) शोले
 
मदर इंडिया
 
 
GK Q&A on Hindi Diwas 2022, हिंदी भाषा से जुड़े ऑब्जेक्टिव प्रश्न - उत्तर

GK Q&A on Hindi Diwas 2022: हिंदी हमारी मातृभाषा है और हर साल राष्ट्रीय स्तर पर 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश में हिंदी के महत्व और इसे बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। हिंदी भाषा में बहुत सारे कवियों, लेखकों और पत्रकारों ने अपना योगदान दिया है और हिंदी को समृद्ध बनाया है। भारत के अलावा विश्व के अन्य देशों में भी हिंदी भाषा का उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं हिंदी भाषा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण ऑब्जेक्टिव प्रश्न - उत्तर जो आपके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बनाए गए हैं।

1. हिंदी भाषा की पहली कविता किस कवि या लेखक ने लिखी थी?
(A) रहिम दास
(B) तुलसीदास
(C) सूरदास
(D) अमीर खुसरो

उत्तर-अमीर खुसरो

2. हिंदी साहित्य के इतिहास पर पहला लेख किसने लिखा था?
(A) रामचंद्र शुक्ल
(B) निराला
(C) ग्रासिन द तैसी
(D) प्रेमचंद

उत्तर-ग्रासिन द तैसी

3. भारत के अलावा दुनिया के कितने विश्व विद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है?
(A) 46
(B) 102
(C) 176
(D) 274

उत्तर-176

4. गूगल ने अपने सर्च इंजिन में हिंदी में खोज की सुविधा कब शुरू की?
(A) 2008
(B) 1989
(C) 2009
(D) 2015

उत्तर-2009

5. हिंदी दिवस कब मनाया जाता है?
(A) 17 अगस्त
(B) 23 जनवरी
(C) 14 सितंबर
(D) 10 मई

उत्तर-14 सितंबर

6. पहली बार किस हिंदी फिल्म की शूटिंग विदेश में भी की गई?
(A) संगम
(B) गाइड
(C) चांदनी
(D) धर्मात्मा

उत्तर-संगम

7. हिंदी भाषा में कितने स्वर और कितने व्यंजन हैं?
(A) 12 स्वर और 20 व्यंजन
(B) 15 स्वर और 32 व्यंजन
(C) 11 स्वर और 33 व्यंजन
(D) 10 स्वर और 38 व्यंजन

उत्तर-11 स्वर और 33 व्यंजन

8. हिंदी में पहली प्रकाशित किताब किसे माना जाता है?
(A) लल्लू लाल की प्रेम सागर
(B) प्रेमचंद की गबन
(C) चंद्रधर शर्मा गुलेरी की चंद्रकांता
(D) विष्णु गुप्त की पंचतंत्र कहानी

उत्तर-लल्लू लाल की प्रेम सागर

9. हिंदी किस लिपि में लिखी जाती है?
(A) देवनागरी
(B) ब्रह्मी
(C) दक्खिनी
(D) रोमन

उत्तर- देवनागरी

10. हिंदी लिखने के लिए किस बोली को आधार बनाया गया है?
(A) तमिल
(B) खड़ी बोली
(C) ब्रज
(D) मराठी

उत्तर- खड़ी बोली

11. शेखर एक जीवनी क्या है?
(A) उपन्यास
(B) जीवनी
(C) कविता
(D) यात्रा वृतांत

उत्तर-उपन्यास

12. ज्ञ क्या है?
(A) दिर्घ व्यंजन
(B) लघु स्वर
(C) संयुक्त व्यंजन
(D) दीर्घ स्वर

उत्तर-संयुक्त व्यंजन

13. हिन्दी में वेब एड्रेस बनाने की सुविधा कब शुरू हुई?
(A) 1998
(B) 2017
(C) 2011
(D) 2009

उत्तर- 2011

14. हिंदी शब्द किस भाषा का है?
(A) मराठी
(B) फारसी
(C)संस्कृत
(D) गुजराती

उत्तर-फारसी

15. हिंदी वर्णमाला में कितने अक्षर हैं?
(A) 35
(B) 49
(C) 52
(D) 50

उत्तर- 52

16. संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया?
(A) विवेकानंद
(B) अटल बिहारी वाजपेयी
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) महात्मा गांधी

उत्तर-अटल बिहारी वाजपेयी

17. हिंदी की पहली फिल्म कौन सी है?
(A) आलमआरा
(B) राम तेरी गंगा मैली हो गई
(C) सोले
(D) कभी खुशी कभी गम

उत्तर- आलमआरा

18. हिंदी के पहले समाचार पत्र का नाम क्या था?
(A) युवा
(B) हरिजन
(C) उदंत मार्तंड
(D) गबन

उत्तर-उदंत मार्तंड

19. देश का पहला राज्य जिसने हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया?
(A) मध्य प्रदेश
(B) उत्तराखंड
(C)दिल्ली
(D) बिहार

उत्तर-बिहार

20. किस साल में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला?
(A) 1947
(B) 1948
(C) 1950
(D) 1951

उत्तर-1950

21. संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में पहला संबोधन कब दिया गया?
(A) 1977
(B) 1950
(C) 1948
(D) 2015

उत्तर-1977

22. हिंदी भाषा पर पहला शोध कार्य 'द थिओलॉजी ऑफ तुलसीदास' किसने किया था?
(A) बाल गंगाधर तिलक
(B) महात्मागांधी
(C) जेआर कारपेंटर
(D) लाला लाजपतराय

उत्तर-जेआर कारपेंटर

23. हिंदी में लिखी गई संविधान की मूल प्रति पर संविधान सभा ने कब साइन किए?
(A) 2 जनवरी 1950
(B) 26 जनवरी 1949
(C) 15 अगस्त 1947
(D) 23 जनवरी 1951

उत्तर-2 जनवरी 1950

24. हिंदी में उपन्यास सम्राट की उपाधि से किस साहित्यकार को मिली है?
(A) जयशंकर प्रसाद
(B) प्रेमचंद
(C) निराला
(D) तुलसी दास

उत्तर-प्रेमचंद

25. ऑस्कर पुरस्कार के लिए नॉमिनेट की गई पहली हिंदी फिल्म कौन सी थी?
(A) हरिशचंद्र
(B) मदर इंडिया
(C) मुगल-ए-आज़म
(D) शोले

उत्तर-मदर इंडिया
 
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Vyohaar Rajendra Singh Biography, कौन हैं व्यौहार राजेंद्र सिंह, जिनके जन्मदिन के अवसर पर हिंदी दिवस मनाया जाता है

Vyohaar Rajendra Singh Biography : हिंदी भाषा को भारत की राजभाषा का दर्जा दिलाने वाले मध्यप्रदेश के महान साहित्यकार, व्यौहार राजेंद्र सिंह के 50वें जन्मदिन के दिन यानी 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में भारत में स्वीकार किया गया था। 

व्यौहार राजेंद्र सिंह का जन्म 14 सितंबर 1900 को जबलपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था। इनके जन्म दिन को अक्सर हिंदी पंचांग की तिथि के मुताबिक ही मनाया जाता है जो कि 12 से 16 सितंबर के बीच में पड़ता है और अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक इनका जन्म 14 सितंबर को मनाया जाता है। यह जबलपुर के राष्ट्रवादी मॉडल हाई स्कूल के पहले बेच के विद्यार्थी थे। 1916 में इनका विवाह हुआ। राजेंद्र सिंह को मराठी, गुजराती, उर्दू, अंग्रेजी इन सभी भाषाओं का अच्छे से ज्ञान था लेकिन उन्हें सुरुवात से ही हिंदी भाषा से लगाव एव प्रेम था।  उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए संघर्ष और किया था, औऱ अपने संघर्ष में सफल भी हुए थे। 
व्यौहार राजेंद्र सिंह के अलावा हिंदी को राजभाषा बनाने के लाड़ाई में कौन कौन साथ थे

स्वतंत्रता पाने के बाद हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारी प्रसाद द्विवेदी, महादेवी वर्मा, सेठ गोविंद दास आदि साहित्यकारों के साथ मिलकर राजेंद्र सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कठिन प्रयास और संघर्ष किए हैं, जिसके चलते इन्होंने दक्षिण भारत जाकर यात्रा की और लोगों को हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए मनाया।

 राजेंद्र सिंह अखिल भारतीय चरखा संघ, नागरी प्रचारिणी सभा, हरिजन सेवक संघ, नागरिक सहकारी बैंक, भूदान यज्ञ मंडल, हिंदी साहित्य सम्मेलन, सर्वोदया न्यास, कायस्थ महासभा, चित्रगुप्त सभा जैसे अनेक ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है। उन्होंने अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। जहां उन्होंने सर्वधर्म सभा में हिंदी में ही भाषण देकर तारीफ बटोरी थी। इनका  साहित्यिक, राजनैतिक, सामाजिक जीवन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
राजेंद्र सिंह के सम्मान और अवॉर्ड

 साहित्य वाचस्पति
 हिंदी भाषा भूषण
 श्रेष्ठ आचार्य 
कायस्थ रत्न 
ऐसे कई अलंकारणों से राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया है। साथ ही जबलपुर के एक हिस्से को व्यौहार बाग के नाम से भी जाना जाता है।
राजेंद्र सिंह द्वारा लिखे गए रचना 

राजेंद्र सिंह ने हिंदी भाषा में लगभग 100 से अधिक ग्रंथों की रचना की है, जिसे सम्मानित पुरस्कारो से पुरस्कृत किया गया  है जिसे आज भी कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाता है।
 गोस्वामी तुलसीदास की समन्वय साधना 
महात्मा जी का महा व्रत
 त्रिपुरी का इतिहास
 हिंदी गीता 
आलोचना के सिद्धांत
 हिंदी रामायण 
सावित्री आदि इनके द्वारा रचे गए रचनाओं के नाम हैं।
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Cyber Crime Investigation and Intelligence Summit 2022, क्या है साइबर अपराध जांच और खुफिया शिखर सम्मेलन 2022 जाने इसके बारे में विस्तार से 

Cyber Crime Investigation and Intelligence Summit 2022 : साइबर अपराध को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए पुलिस उप निरीक्षक और वरिष्ठ जांच अधिकारियों के नॉलेज और एबिलिटी को सुधारने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चौथा साइबर अपराध जांच और खुफिया शिखर सम्मेलन 2022 आयोजित किया जा रहा है। जिसमें योगेश देशमुख, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय ने शिखर सम्मेलन के पर्दा स्थापना समारोह के दौरान बतायाकि  6000 से अधिक लोगों ने इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
 साइबर क्राईम इन्वेस्टिगेशन एंड इंटेलिजेंस 2022 से जुड़े मुख्य बिंदु 

भारत में सबसे बड़े ज्ञान साझाकरण, विचार-नेतृत्व और साइबर अपराध जांच और खुफिया सम्मेलन मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य साइबर पुलिस एवं परिमल लैब्स के माध्यम से 12 सितंबर से 22 सितंबर तक सॉफ्टक्लिक्स फाउंडेशन के सहयोग से ऑर्गनाइज़ किया गया था। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल शहर में प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। 10 दिन के शिखर सम्मेलन में 3 दिन ऑफलाइन शिखर सम्मेलन, आरएसपीवी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में 12 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।

 इस 10 दिन के शिखर सम्मेलन के दौरान 6000 से अधिक पुलिस, न्यायिक, अभियोजन और 35 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अन्य एजेंसियों के पास इस प्रोग्राम में प्रस्तुतकर्ता और विषय विशेषज्ञ के रूप में भाग लेने के लिए ऑनलाइन प्रतिनिधि होंगे।
साइबर अपराध जांच और खुफिया शिखर सम्मेलन की रणनीति क्या है

अग्रणी टेक्नोलॉजी फर्म CIIS2022 में अपनी अत्याधुनिक टैक्नीक के लाइव डेमो  प्रोवाइड करेगी। इस बार शिखर सम्मेलन आयोजित  करने के लिए मिक्स ऐप्रोच इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके व्यवहारों के ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनिसेफ, इंटरपोल-सिंगापुर, नेशनल साइबर क्राइम लॉ एनफोर्समेंट यूके पुलिस, नेशनल व्हाइट कॉलर क्राइम सेंटर यूएसए और एनपीए हैदराबाद के साथ और अन्य देशों के सब्जेक्ट एक्सपर्ट और प्रेसेंटेटर इस दौरान विभिन्न सब्जेक्ट पर ट्रेनिंग देंगे।  
Residents Safety & Security portal, रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी 'पोर्टल क्या है जिसे मेघालय सरकार ने लॉन्च किया है

Residents Safety & Security portal : मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शिलांग में गृहमंत्री लेखमेन रिंबुई और अन्य प्रतिष्ठित ऑफिसर की उपस्थिति में मेघालय निवासी निवासियों के सेफ्टी और सिक्योरिटी एक्ट एमआरएसएसए का एक ऑनलाइन पोर्टल लांच किया है। इस ऑनलाइन पोर्टल से निवासियों की सुरक्षा और सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करेगी और अधिकारियों के लिए एक मजबूत खुफिया जानकारी इकट्ठा करने की प्रणाली के रूप में काम करेगी।
इस लेख के मुख्य बिंदु

ऑनलाइन पोर्टल सरकार द्वारा शुरू की गई सर्विस और प्रोग्राम की निगरानी और बेहतर कार्यान्वयन के लिए फायदेमंद होगा।
पोर्टल स्वास्थ्य देखभाल एरिया और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मदद करेगा।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म राज्य के 6000 से अधिक गांवों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने की क्षमता रखता है।
यह एक वेब बेस्ड ऑनलाइन पोर्टल सबसे पहले शिलांग-नोंग्रिम हिल्स, लापनलांग, नोंगमिनसोंग, नोंगराह, पोहकेश, रियात लाबान और वाहडिएंग्लिंग के सात इलाकों में शुरू किया जाएगा।
 
PLI Scheme Approval, पीएलआई योजना के तहत लाभार्थियों को मिली स्वीकृति, जाने इसके बारे में विस्तार से

PLI Scheme Approval : नीति आयोग के सीईओ परमेश्वरन अय्यर की अध्यक्षता वाली अधिकार प्राप्त कमेटी ने हाल ही में मोबाइल मेकिंग के लिए प्रोत्साहन के पहले डिस्ट्रब्यूसन को मंजूरी दी है।
 इस लेक के मुख्य बिंदु

 प्रोडक्शन से जुड़ी यह प्रोत्साहन योजना भारत को इलेक्ट्रॉनिक निर्माण के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी स्थिति को प्रोवाइड करेगी।
इस योजना में मोबाइल फोन का निर्माण और विशेष इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का निर्माण किया जाएगा
यह पहल आत्मनिर्भर भारत विजन को भी बढ़ावा देगी, इसके अंतर्गत 10 कंपनियों को मोबाइल निर्माण के लिए योजना का लाभ प्रोवाइड किया जाएगा ।
इसमें 5 घरेलू और 5 फॉरेन कंपनियां शामिल हैं।
इस पहल के अंतर्गत एक डॉमेस्टिक कंपनी पेजेट इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मोबाइल मेकिंग के अंतर्गत प्रोत्साहन पाने वाली पहली कंपनी है।
यह पहली बार हो रहा है जब योजना के अंतर्गत किसी मोबाइल मेकिंग यूनिट का चुनाव किया गया है।
यह स्कीम इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए विनिर्मित वस्तुओं की शुद्ध वृद्धिशील बिक्री पर 4 परसेंट से 6 परसेंट का प्रोत्साहन देगी।।
 इस योजना से 10,69,432 करोड़ रुपये का मैन्युफैक्चरिंग ओवरहेड और 700000 लोगों के इम्प्लॉइड होने की उम्मीद है।
 पीएलआई योजना क्या है 

 पीएलआई योजना का उद्देश्य डोमेस्टिक यूनिट में बने प्रोडक्ट से बढ़ती बिक्री के आधार पर कंपनियों को प्रोत्साहन प्रोवाइड करना है। यह विदेशी कंपनियों को भारत में अपनी यूनिट स्टेब्लिश करने के साथ-साथ स्थानीय कंपनियों को विनिर्माण यूनिट के विस्तार और  स्टेब्लिश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इनवाइट करता है।
 
Ayurveda Day 2022, आयुर्वेद दिवस 2022 कार्यक्रम क्या है जिसे अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने लॉन्च किया है
Ayurveda Day 2022 : आयुष मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने आयुर्वेद दिवस 2022 कार्यक्रम को लांच किया है, इस साल आयुर्वेद दिवस के  लिए आयुष मंत्रालय के शासनादेश को आगे बढ़ाने के लिए एआईआईए को नोडल एजेंसी के रूप में चुना गया है। इस कार्यक्रम की सब्जेक्ट मैटर "हर दिन हर घर आयुर्वेद" रखा गया है। 
कार्यक्रम के बारे में

6 हफ्ते तक चलने वाला यह कार्यक्रम 12 सितंबर से 23 अक्टूबर तक चलेगा और आयुर्वेद दिवस पूर्वावलोकन में आयुष मंत्री से सर्बानंद सोनोवाल, आयुष राज्यमंत्री डॉ मुंजपरा महेंद्र भाई कालू भाई, सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, विशेष सचिव पी.के पाठक और एनसीएसआईएम के अध्यक्ष वैद्य जयंत देव पुजारी की ऑनलाइन उपस्थिति रहे। 
आयुर्वेद दिवस कार्यक्रम का महत्व

 आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रम  अवसर पर सोनोवाल ने कहा है कि 6 सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को आगे बढ़ाना का एक प्रयास है। इस कार्यक्रम में सफलता तभी मिल सकेगी जब भारत के प्रत्येक नागरिक तक आयुर्वेद की पहुंच सक्षम हो जाएगी। हर दिन हर घर आयुर्वेद में समग्र स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसे हमारे देश को स्वास्थ को और मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। 
आयुर्वेद दिवस कब और किस अवसर पर मनाया जाता है

आयुष मंत्रालय हर साल धन्वंतरी जयंती के अवसर पर आयुर्वेद दिवस मनाता है। इस साल आयुर्वेद दिवस 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस साल मंत्रालय ने इसे भारत के सभी मंत्रालयों और डिपार्टमेंट के साथ मनाएगा, ताकि देश के प्रत्येक व्यक्ति पारंपरिक चिकित्सा यानी आयुर्वेद से परिचित हो सकें, और इसके उपयोग को बढ़ावा मिल सके।
 
14 Sep. 22
 

Use of Hindi Language In Digital Platform, डिजिटल प्लेटफॉर्म में हिंदी भाषा का उपयोग कैसे और कहां हो रहा है


Use of Hindi Language In Digital Platform : हिंदी भाषा विश्व की तीसरी सर्वाधिक बोलने वाली भाषा है। जिसे भारत के अलावा विश्व के अन्य देशों में भी बोला जाता है, जैसे नेपाल, अमेरिका, पाकिस्तान जैसे  और अन्य देशों में हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है। हिंदी भाषा जो भारत में सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा में से एक है, वह डिजिटल युग में स्वयं को और मजबूती से स्थापित कर रही है। आज हिंदी को बढ़ावा देने और आगे ले जाने के लिए किसी व्यक्ति या व्यक्ति समूह की आवश्यकता नहीं है। बल्कि आज हिंदी भाषा को टेक्नोलॉजी से सुसज्जित युवाओं द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। टेक्नोलॉजी ने हिंदी को जितना सशक्त बनाया है वह सराहनीय है।

सोशल मीडिया पर हिंदी भाषा का उपयोग


 आज के समय में बड़े पैमाने में युवा इंटरनेट पर हिंदी कंटेंट पेश कर रहे हैं। इंटरनेट पर हिंदी का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से हिंदी का उपयोग हो रहा है। यूनिकोड ने हिंदी भाषा को और बढ़िया ऊंचाई दी है वर्तमान में बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी अपने विज्ञापनों में हिंदी भाषा का प्रयोग करें कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह बात अच्छे से पता है कि बिना हिंदी के मार्केट में बने रहना संभव नहीं है। क्योंकि विश्व की बड़ी आबादी हिंदी भाषा का उपयोग करती है और हिंदी भाषा बोलने में जितना सरल है उतना ही समझने में सुलभ है। इसलिए डिजिटल मार्केटिंग के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।

हिंदी भाषा में लॉन्च होने वाले ऐप 


 हिंदी भाषा की लोकप्रियता दिनोंदिन बाजार और सोशल मीडिया में तेजी से बढ़ रही है और हिंदी की बढ़ती मजबूती को देखते हुए अमेजॉन, क्विकर, OLX जैसे बड़े इकॉमर्स प्लेटफॉर्म ने अपने ऐप का हिंदी वर्जन लॉन्च किया है। हिंदी भाषी लोगों के द्वारा तेजी से उपयोग किया जा रहे यूट्यूब, सफलता, गूगल जैसे मजबूत ऐप हिंदी में यूजर्स के लिए कंटेंट ला रहे हैं जो उन्हें उंचाईयों की अगली स्तर पर ले जा रही है।

आइए जानते हैं कि हिंदी भाषा अंग्रेजी से कितनी आगे है 


इंटरनेट में हिंदी भाषा के यूजर्स की संख्या करोड़ों में
   
  साल               अंग्रेजी भाषा     हिंदी भाषा

साल 2011 में        6.8              4.2
साल 2016 में       17.5           23.4 
साल 2021 में       19.9           53.6

डिजटल पेमेंट और  सरकारी कामकाज के लिए हिंदी भाषा का उपयोग

2016 - साल 2016 में 2.2 करोड़ की संख्या में डिजटल पेमेंट के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग।

2021 - साल 2021 में 8.1 करोड़ की संख्या में डिजटल पेमेंट के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग।

2016 - साल 2016 में 2.4 करोड़ लोग सरकारी कामकाज के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग कर रहे थे।

2021 - साल 2021 में 14.4 करोड़ लोग सरकारी कामकाज के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग कर रहे थे।
 

G.K Q & A on Engineering day 2022, इंजीनियरिंग डे से जुड़े वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर


G.K Q & A on Engineering day 2022 : हर साल भारत में राष्ट्रीय स्तर पर इंजीनियरिंग डे मनाया जाता है। यह दिन 15 सितंबर को मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती के उपलक्ष में मनाया जाता है। इस साल एम विश्वेश्वरैया की 160वीं जयंती मनाई जाएगी। यह दिन महान इंजीनियर एम विश्वेश्वरैया की उपलब्धियों को मान्यता और सम्मान देने के लिए साथ ही इंजीनियरों को सुधार और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।

आइए जानते हैं इंजीनियर डे से जुड़े कुछ वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उत्तर के बारे में 


1.कौन कौन सा देश राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाता है
a. भारत
b. श्रीलंका 
c.तंजानिया 
d.उपरोक्त सभी 

उत्तर उपरोक्त सभी देशों में इंजीनियर डे मनाया जाता है

2. एम विश्वेश्वरैया के संबंध में निम्न में से कौन सा वाक्य सही हैं।

1. उन्होंने पानी के फ्लडगेट के साथ एक सिंचाई प्रणाली का पेटेंट कराया और स्थापित किया।
2. उन्होंने 1914 में बेंगलुरु में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज की नींव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

a. 1.
b. 2.
c. 1 और 2 दोंनों
d. उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर- a. 1.

3. भारत में प्रायोगिक द्रव गतिकी रिसर्च के जनक के रूप में किसे जाना जाता है

a. एम विश्वेश्वरैया
b. सतीश धवन
c.  डॉक्टर अभिजीत गुहा
d. राम गोविंदराजनी

उत्तर. सतीश धवन 

मेट्रो मैन के रूप में किसे जाना जाता है
a. ई श्रीधरनी
b. एन आर नारायण मूर्ति 
c. सुंदर पिचाई
d. एम विश्वेशवरैया

उत्तर. ई श्रीधरनी

5. सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा के बारे में कौन सा वाक्य सही है

 सैम पित्रोदा ने 1975 में इलेक्ट्रॉनिक डायरी का अविष्कार किया था।
 विज्ञान और इंजीनियरिंग में उनके योगदान के लिए उन्हें 2009 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

a. 1.
b. 2.
c. दोनों 1 और 2
d. उपरोक्त

उत्तर. 1.

6. भारत में व्हाइट रिवॉल्यूशन के जनक के रूप में किसे जाना जाता है
a. एनआर नारायण मूर्ति 
b.एम विश्वेश्वरैया 
c.वर्गीज कुरियन
d. सुंदर पिचाई 

उत्तर. वर्गीज कुरियन

7. किस भारतीय इंजीनियर ने 1912 से 1919 तक मैसूर के दीवान के रूप में काम किया था?

a. नंदनी नीलमणी 
b. एम विश्वेश्वरैया 
c.माधवन नायर 
d.उपरोक्त में से कोई नहीं 

उत्तर. एम विश्वेश्वरैया ने मैसूर में दीवान के रूप में काम किया था।

8. कृष्णराज सागर बांध के निर्माण कार्य के लिए एम विश्वेश्वरैया ने किस नदी पर अपना योगदान दिया था।
a. कावेरी 
b.गोदावरी 
c.कृष्णा 
d.यमुना 

उत्तर कावेरी 

पेंटीयम के जनक के रूप में किसे लोकप्रिय माना जाता है 
a.बिन्नी बंसल 
b.एनआर नारायण मूर्ति 
c.विनोद धाम 
d.विजय शेखर शर्मा 

उत्तर विनोद धाम 

अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के फाउंडर कौन हैं।
a.रेसुल पुकुट्टी
b.सुंदर पिचाई 
c.एम विश्वेश्वरैया 
d.नारायण मूर्ति 

उत्तर नारायण मूर्ति
 
 

The role of Attorney General, मुकुल रोहतगी होंगे भारत के अगले अटॉर्नी जनरल, A.G इनके कार्य के बारे में


The role of Attorney General : भारत के वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी को एक बार फिर से भारत के अटॉर्नी जनरल के रूप में अप्वॉइंट किया गया है। रोहतगी 2014 से 2017 के बीच देश के अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्यरत रहे हैं। वर्तमान में मौजूद अटॉर्नी जनरल के पद पर केके वेणुगोपाल का कार्यकाल 30 सितंबर को पूरा होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कहा गया है कि 91 साल के केके गोपाल इस कार्य पर बने रह कर काम नहीं करना चाहते हैं, वे अपने सेहत को लेकर कार्यभार से मुक्ति होना चाहते हैं। 2020 में 3 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद गोपाल ने सरकार से कहा था कि उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें अटॉर्नी जनरल की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। सरकार ने गोपाल से कहा था कि वे 2 साल के लिए और इस पद पर कार्यरत रहे, जिसके बाद अब  30 सितंबर 2022 को इनका कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। मुकुल के बाद अपना दूसरा कार्यकाल 1 अक्टूबर से शुरू करने वाले हैं। मुकुल भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी काम कर चुके हैं। 2017 में रोहतगी के पद छोड़ने के बाद सरकार ने उनसे जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के समेत संवेदनशील मुद्दों पर विचार विमर्श कर फैसला लिया था।

 आइए जानते हैं रोहतगी से जुड़े महत्वपूर्ण बातों के बारे में


 अपने पहले कार्यकाल के दौरान वह  उस समय अटॉर्नी जनरल के पद पर नियुक्त हुए थे जब 2014 में बीजेपी की सत्ता आई थी। मुकुल रोहतगी भारत के सबसे हाई प्रोफाइल एडवोकेट है उन्होंने कई महत्वपूर्ण केसेज लड़े हैं जिनमें से गुजरात दंगों का केस शामिल है, इस मामले में गुजरात सरकार ने मुकुल को अपने वकील के नियुक्ति से संबंधित है। इसके साथ ही शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के वकीलों का नेतृत्व भी क्रूज ड्रग्स केस में किया था।

अटॉर्नी जनरल का रोल क्या है


राष्ट्रपति द्वारा अटॉर्नी जनरल को संदर्भित सभी कानूनी मामले में केंद्र सरकार को सलाह देना होता है।
भारत के राष्ट्रपति और अटॉर्नी जनरल  के कानूनी मामलों का उल्लेख करते हैं और उनसे कई केस में अटॉर्नी जनरल से सरकार सलाह मशवरा लेती हैं।
एक अटॉर्नी जनरल का कर्तव्य है कि वह कानूनी मामलों पर भारत सरकार को सही सलाह और राय दें साथ ही कानूनी चरित्र के ऐसे अन्य कर्तव्यों का भी पालन करें, जिसे समय-समय पर राष्ट्रपति द्वारा अटॉर्नी जनरल को सौंपा जाता है।


राष्ट्रपति द्वारा अटॉर्नी जनरल को सौंपे गए तीन कार्य कौन से हैं


सरकार से संबंधित किसी भी कानूनी मामले में अटॉर्नी जनरल को सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित होना चाहिए अटॉर्नी जनरल के संविधान के अनुच्छेद 123 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट में किए गए किसी भी संदर्भ में अटॉर्नी जनरल केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करता है, यदि कोई मामला भारत सरकार से संबंधित है तो अटॉर्नी जनरल को भी उच्च न्यायालय में उपस्थित होना चाहे।
 

XR Technology Startup, एक्सआर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप क्या है, जाने इसके बारे में विस्तार से


XR Technology Startup : इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्रालय के स्टार्टअप हब ने मेटा (फेसबुक) के सहयोग से पूरे भारत में एक्सआर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप को डिवेलप करने और उसकी गति प्रोवाइड करने के लिए एक जॉइंट प्रोग्राम लॉन्च करने जा रही है। यह प्रोग्राम भविष्य की टेक्नोलॉजी में स्किल को बढ़ाने के लिए और ऐसे टेक्नोलॉजी को डिवेलप करने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का एक हिस्सा है। इस प्रोग्राम की शुरुआत 13 सितंबर 2022 को हुई है इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और मेटा की ओर से वैश्विक नीति के उपाध्यक्ष जोइल कपलान मौजूद थे।

एक्सआर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के डेवलपमेंट का उद्देश्य क्या है


 एक्स आर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप का उद्देश्य मुख्य रूप से जीवंत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही इनोवेशन स्टार्टअप और बौद्धिक संपदा के डेवलपमेंट को एक नई गति देना है।

डिजिटल प्रोडक्ट की मांग के बढ़ती आधार पर इस तरह के आयोजन टेक्नोलॉजी और टेक्निक तकनीकी के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम करेगा।

एक्सआर टेक्नॉलजी स्टार्टप को बढ़ावा देने से देश के डेवलपर्स, इनोवेशन में रुचि दिखाने वाले युवा इसकी सहायता से स्कीम और प्रतिभा को और अधिक निखार सकते हैं।

इसकी सहायता से स्टार्टअप की संख्या को बढ़ाया जाएगा जो भारत में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप के रूप में कार्य करेगा।

 इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय स्टार्टअप हब क्या है 


यह इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्रालय की एक पहल है जो एक राष्ट्रीय प्लेटफार्म है,  इसके माध्यम से देश में काम कर रहे स्टार्टअप को एक राष्ट्रीय स्तर का स्टेज मिलता है।

 यह टेक्नोलॉजी इन्नोवेशन, स्टार्टअप, तकनीकी डिजिटल प्रोडक्ट के निर्माण और उनको आगे बढ़ाने के लिए काम करता है।

 इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 3000 से अधिक टेक्नोलॉजी जुड़कर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्टार्टअपहब प्लेटफार्म पर आगे आने वाले 5 सालों में टैप्नॉलजी  स्टार्टअप की संख्या को 10,000 से अधिक करने का तय किया गया है.
 
 
15 Sep. 22
 

International Day of Democracy 2022, लोकतंत्र के अंतरराष्ट्रीय दिवस क्यों मनाया जाता है, जाने इसके महत्व एवं थीम के बारे में

International Day of Democracy 2022 : हर साल दुनिया भर में 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन लोकतंत्र के कामकाज में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को हाईलाइट करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में लोगों को लोकतंत्र के विषय, कार्य और प्रोसेस के में संपूर्ण जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र की ऑफिशियल वेबसाइट में कहा गया है कि लोकतंत्र एक लक्ष्य के रूप में प्रोसेस है और केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय, राष्ट्रीय शासी निकायों, नागरिक समाज एवं व्यक्तियों की संपूर्ण भागीदारी सहयोग एवं समर्थन से ही लोकतंत्र के आदर्श को एक आदर्श के रूप में बनाया जा सकता है। 

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का इतिहास क्या है


लोकतंत्र का अंतरराष्ट्रीय दिवस 2007 संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पास किया गया प्रस्ताव के माध्यम से इस दिन को बनाया गया था। अंतर-संसदीय संघ के मुताबिक, संकल्प पत्र लोकतंत्र को मजबूत और सशक्त बनाने के लिए बनाया गया था। इसके बाद विश्व का पहला अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस 15 सितंबर 2008 को मनाया गया था।

15 सितंबर को ही अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के लिए क्यों चुना गया


अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस (International Day Of Democracy ) को मनाने का विचार लोकतंत्र पर सर्वभोमिक घोषणा की तहत है, इसे अंतर संसदीय परिषद द्वारा 16 सितंबर 1997 को अपने 161वें एडिशन में अपनाया गया था।


अंतरराष्ट्रीय दिवस का महत्व क्या है 


लोकतंत्र के अंतरराष्ट्रीय दिवस को मनाने का पीछे मुख्य उद्देश्य सरकारों को लोकतंत्र को  और भी ज्यादा मजबूत और सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करना था। मानव अधिकारों के संरक्षण और प्रभावी प्राप्ति के लिए लोकतंत्र विश्व भर में बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया जाता है और न्याय, शांति, विकास और ह्यूमन राइट्स को प्रोवाइड करने की क्षमता और जनादेश को इस दिन सैलिब्रेट किया जाता है।

लोकतंत्र के अंतरराष्ट्रीय दिवस 2022 का थीम क्या है


हर साल इंटरनेशनल डे ऑफ डेमोक्रेसी के लिए एक थीम चुनी जाती है। इस साल यह थीम लोकतंत्र, शांति और सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मीडिया की स्वतंत्रता के महत्व पर केंद्रित किया गया है।
 
HDFC Issue Electronic Bank Guarantee , नेशनल ई गवर्नेंस सर्विस लिमिटेड और ई-बीजी क्या है जाने विस्तार से  
 
HDFC Issue Electronic Bank Guarantee : एचडीएफसी बैंक भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है, इसके साथ ही अब एचडीएफसी बैंक नेशनल e-governance सर्विस लिमिटेड के साथ पार्टनरशिप में इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी जारी करने वाला देश का पहला बैंक है। पेपर बेस्ड कामकाज समय लेने वाली प्रक्रिया को नई इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी के साथ लाया गया है। जिसे संसाधित, मुद्रांकित, सत्यापित और बढ़ी हुई सुरक्षा के साथ तुरंत ही डिस्ट्रीब्यूट किया जा सकता है। यह एक ट्रांसफॉर्मेटिव चेंज है और बैंक अपने सभी कस्टमर को लाभान्वित करने के लिए ही ई-बीजी में माइग्रेट किया जाएगा।

 एचडीएफसी बैंक में नेशनल ई गवर्नेंस सर्विस लिमिटेड के सहयोग से पहले इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी ई-बीजी लांच की गई है। ई-बीजी पेपर बेस्ड कामकाज में समय लेने वाली प्रक्रिया थी। उसे हटाकर तुरंत रिकॉर्ड करने के लिए सुविधा देती है, जिसे बैंक से फिजिकल तरिके से लेने, लाभार्थी को कूरियर की डिलीवरी और स्टैम्पिंग और री-वेरिफिकेशन की जरूरत के कारण पूरा होने में अक्सर 3 से 5 दिन लगते हैं।

-बीजी दक्षता और सुरक्षा को बढ़ावा देता है साथ ही लाभार्थी को तुरंत एनईएसएल पोर्टल पर बैंक गारंटी  देखने में समर्थ बनाता है, ई-बीजी एनईएसएल पोर्टल पर एपीआई बेस्ड डिजिटल वर्कफ़्लो के माध्यम से जारी किया जाएगा। सभी बैंक गारंटी प्रोसेस का डिजिटलीकरण आसानी होगी, जो भी  बैंक गारंटी देने के लिए मुख्य आवेदक हैं। ई-बीजी एनईएसएल, सीवीसी- सीबीआई कमेटी और भारतीय बैंक संघ के परामर्श से डेवलप किया गया था।

 नेशनल ई गवर्नेंस सर्विस लिमिटेड NESL क्या है


 नेशनल e-governance सर्विस लिमिटेड भारत की पहली सूचना उपयोगिता है यह दीवाला और दिवालियापन संहिता 2016 के auspices में भारतीय दीवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड है। यह अग्रणी बैंकों और सार्वजनिक संस्थानों द्वारा स्थापित किया गया था और इसे एक केंद्र सरकार की कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। यह कानून साक्ष्य के भंडार के रूप में काम करता है, जिसमें वित्तीय या परिचालन लेनदेन द्वारा प्रस्तुत ऋण या दावे के बारे में जानकारी उपस्थित होती है और ये ऋण के लिए पार्टियों द्वारा वेरिफाइ किया जाता है।

-बीजी क्या है जाने विस्तार से 


-बीजी को बैंक के प्रोसेस को सरल बनाने और धोखाधड़ी एवं हेर-फेर की संभावना को समाप्त करने के लिए सीबीआई कमेटी और आईबीए के परामर्श से डेवलप किया गया है। ई-बीजी एनईएसएल पोर्टल में एपीआई बेस्ड डिजिटल वर्कफ़्लो के माध्यम से जारी किया जाएगा। एचडीएफसी बैंक डिजिटल फैक्ट्री, और एंटरप्राइज IT के माध्यम से बनाने के लिए क्षमताओं का निर्माण करेगा। क्षमताओं का निर्माण बैंक की डिजटल स्ट्रेटेजी के लिए एक मुख्य पिलर है।
 
 

Navratri Special Tourist Train, नवरात्रि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन क्या है, जाने इसके बारे में विस्तार से


Navratri Special Tourist Train : इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन IRCTC वैष्णो देवी कटारा के लिए नवरात्रि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन शुरू करने की बात कही है। IRCTC द्वारा रामायण सर्किट ट्रेन की सफलता के बाद नवरात्रि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन शुरू करने का विचार किया है। भारत गौरव रेक के साथ नवरात्रि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन 30 सितंबर 2022 को कटारा के लिए दिल्ली से चलेगी। इस ट्रेन की यात्रा 4 रात और 5 दिन की होगी यह ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगी जिसमें 3 टियर एसी कोच समेत 11 कोच होंगे। इस ट्रेन का गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अंबाला, सरहिंद और लुधियाना के टूरिस्ट लाभ उठा सकते हैं। IRCTC ने नवरात्रि के अवसर पर  तीर्थ यात्रियों को सुविधा देने के लिए इस ट्रेन की शुरुआत करने का फैसला लिया है।


वैष्णो देवी यात्री की टूर प्लान क्या है


IRCTC के सीपीआरओ आनंद कुमार झा ने इस टूर पैकेज के बारे में बताया है कि डबल और ट्रिपल शेयरिंग के लिए यात्री को ₹11990 का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही ऐसी क्लास के सिंगल शेयरिंग के लिए ₹13790 का पेमेंट करना हो।गा इस पैकेज में यात्री को ट्रेन की यात्रा के साथ एसी होटल में रात रूकनेने की सुविधा, खाने-पीने की सुविधा, बस में आने जाने का किराया, ट्रैवल इंश्योरेंस और गाइड की सेवाएं मिलेंगी। इसके साथ ही यह भी बताया है कि 18 साल से अधिक आयु के सभी यात्रियों का कोविड-19 टीकाकरण अनिवार्य है।


पेमेंट के लिए ईएमआई 


यात्री इस यात्रा के लिए अगर एक साथ पुरा पैसा देने में समर्थ नहीं हैं तो उन्हें IRCTC की ओर से  ईएमआई  भी भुगतान करने की सुविधा दि गई है। IRCTC  ने यात्रा के लिए, पेमेंट, रेजरपे पेमेंट गेटवे के साथ का भुगतान करने का सुविधा यात्रियों को दिया है। यात्री इसके लिए 3, 6, 9, 12, या फिर 24 महीने की ईएमआई में पेमेंट कर सकते हैं। इसकी जानकारी के लिए यात्री IRCTC की वेबसाइट WWW.irctctourism.com या IRCTC के हेल्पलाइन से संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। 
 

Tribes of these States will be Included in ST,केंद्र सरकार ने किन पांच राज्यों की जनजातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की बात कही है


Tribes of these States will be Included in ST : केंद्र सरकार ने सालों से अपने अधिकारों से वंचित उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के साथ पांच राज्यों से करीब डेढ़ दर्जन जनजातियों को बुधवार को एक बड़ा इनाम दिया है। इन जनजातियों को अब अनुसूचित जनजाति ST का दर्जा दिया गया है, इसके साथ ही इसके तहत वे कई तरह के लाभ लेने में सक्षम होंगे। वर्तमान में अनुसूचित जनजाति के लिए जिन जातियों को शामिल किया गया है उनमें बिन्जियाह समेत 12 जातियां छत्तीसगढ़ से हैं। हिमाचल प्रदेश से हट्टी और उत्तर प्रदेश के गोंड और उनकी पांच उप जातियों को एसटी में शामिल किया जाएगा।


कैबिनेट बैठक के इस फैसले के बारे में


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम फैसला को लिया गया है, इसके साथ ही सरकार ने डेवलपमेंट की दौड़ में पिछड़े जनजाति और आदिवासी समूह को आगे बढ़ाने के लिए जो लक्ष्य तय किया था उसे पूरा किया है। 

छत्तीसगढ़ की 12 जातियां शामिल है जानें इनके बारे में 


कैबिनेट में लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने बताया है कि 5 राज्यों की जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है। उनमें छत्तीसगढ़ की 12 जातियां हैं। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के हट्टी समुदाय और उत्तर प्रदेश के गोंड़ जाति को शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में गोंड जाति को अनुसूचित जाति से हटाकर अनुसूचित जनजाति में शामिल कर लिया गया है और इनकी पांच उपजाति को भी शामिल करने का फैसला केंद्र में लिया गया है।

कर्नाटक और तमिलनाडु के इन समूहों को भी मिलेगा लाभ 


इसके साथ ही भदोही जिला के अनुसूचित जाति के लोग भी इस लाभ को लेने में सक्षम होंगे। जिसमें कर्नाटक की काडू कुरुबा और बेट्टा कुरुबा जाति और तमिलनाडु की नारिकोरवन को भी अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का फैसला लिया गया है।

 

Shoonya Campaign, शून्य अभियान क्या है, जाने इसके महत्व और आवश्यकता के बारे में विस्तार से

 

Shoonya Campaign : नीति आयोग और आर एम आई के द्वारा शून्य अभियान शुरू किया गया है। यह कस्टमर और इंडस्ट्री के साथ मिलकर 0 प्रदूषण वितरण वाहनों यानी जीरो पॉल्यूशन डिलीवरी व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया एक पहल है। आपको बता दें कि साल 1982 में आरएमई स्थापित किया गया एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संगठन है non-profit ऑर्गेनाइजेशन है।


इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलीवरी 


शहरी क्षेत्र में डिलीवरी के केस में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए और 0 प्रदूषण वाहन की डिलीवरी से होने वाले प्रॉफिट के बारे में कस्टमर को जानकारी देना है। इस अभियान के एक हिस्से में फाइनल माइल की डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाने की दिशा में इंडस्ट्री एरिया के प्रयासों को मान्यता प्रोवाइड करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए कॉर्पोरेट ब्रांडिंग एक प्रमाणन संबंधी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। यह ई-कॉमर्स कंपनी को अपने कॉपीटिटर से अलग करने में सहायता करेगा।

इलेक्ट्रिक वाहन की जरूरत और महत्व क्या है 


 देश में ई-कॉमर्स बाजार के तेजी के बाच साल 2013 और 2017 में भारत का ऑनलाइन रिटेल मार्केट हर साल के एवरेज के हिसाब में 53% की दर से बढ़ रहा है और साल 2022 में इसके तहत $150 तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। 

उत्सर्जन में आई कमी


शहरी मालवाहक विहिकल्स भारत में गुड्स ट्रांसपोर्ट से संबंधित कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के लिए 10 परसेंट के लिए जिम्मेदार है और साल 2030 तक इसके उत्सर्जन में 114 परसेंट की बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक वाहन से उत्सर्जन में कमी देखी गई है जो कि पर्यावरण के बेहतर गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रिक वाहन से भारत के ऊर्जा की कमी को समस्या हल करने में सहायता मिलेगी। साथ ही ऊर्जा के नवीकरणीय और स्वच्छ सोर्स की ओर बढ़ने के साथ-साथ तेल के ऊपर देश की निर्भरता कम होगी। 

 

 

World Ozone Day 2022, विश्व ओजोन दिवस का महत्व और इस साल का थीम क्या है

 

World Ozone Day 2022 : हर साल विश्व स्तर पर ओजोन लेयर के संरक्षण के लिए 16 सितंबर को ओजोन दिवस मनाया जाता है। ओजोन दिवस का उद्देश्य लोगों इसके महत्व के प्रति जागरूक करना एवं ध्यान आकर्षित करना है ताकि ओजोन लेयर में हो रही छेद को बचाया जा सके। ओजोन संरक्षण के लिए कनाडा में 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर 36 देशों ने साइन किया था। जिसे 1 जनवरी 1989 से प्रभावी हुआ था।

 धरती पर कार्बन के उत्सर्जन को लेकर विश्व के ऑर्गनाइजेशन की चिंता बढ़ने लगी थी। साथ ही इससे वायुमंडल में स्ट्रेटोस्फीयर के बीच में स्थित ओजोन क्षरण होने की समस्या सामने आई थी और इस समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 सितंबर को 1995 से लेकर आज तक अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस मनाना मनाया जाता है।

 विश्व ओजोन दिवस का इतिहास क्या है


कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में 16 सितंबर 1987 को ओजोन छेद को लेकर चिंता के हल के लिए मीटिंग आयोजित की गई थी। जिसमें 31 देशों ने भाग लिया था इस मीटिंग को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का नाम दिया गया। जो कि 1 जनवरी 1981 से यह प्रोटोकॉल प्रभावी हुआ और यह निर्णय लिया गया कि ओजोन को प्रभावित करने वाले गैस जैसे CFC, CO2 के उत्सर्जन को कम करना है। इस प्रोटोकॉल का लक्ष्य साल 2050 तक ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाने वाले केमिकल और गैस पर कंट्रोल करना है। साथ ही इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पहली बार 16 सितंबर 1995 को विश्व में ओजोन दिवस मनाया गया था। वर्तमान में 196 देश सदस्य के रूप में शामिल हैं।

 ओजोन दिवस का थीम क्या है 


हर साल लोगों को ओजोन लेयर क्षरण के प्रति जागरूक करने के लिए एक थीम तय की जाती है। इस साल 2022 में ग्लोबल कॉरपोरेशन प्रोटेक्टिंग लाइफ ऑन अर्थ, पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने वाला वैश्विक सहयोग रखा गया है।

16-09-2022

Roger Federer Retirement, टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने टेनिस को कहा अलविदा, जाने लीवर कप के बारे में विस्तार से

 

Roger Federer Retirement : स्विट्जरलैंड के महान टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने टेनिस से रिटायरमेंट लेने की घोषणा की है। अगले सप्ताह लंदन में लीवर कप के बाद वे टेनिस के एक भी गेम नहीं खेलेंगे। फेडरर ने 41 साल की उम्र में टेनिस से रिटायरमेंट लेने का फैसला लिया है। रोजर फेडरर 20 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर चुके हैं। रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए, रोजर ने कहा कि मैंने फॉर्म में लौटने के लिए बहुत कोशिश की है लेकिन मैं अपने शरीर को जानता हूं अब मैं 41 साल का हो चुका हूं और अपने 24 साल के करियर में मैंने 15 से ज्यादा मैच खेले हैं। मुझे टेनिस के बदौलत बहुत कुछ मिला है, इतना जितना मैं सोच भी नहीं सकता था। अब मुझे अपने करियर को एक विराम देना चाहिए, मैं टेनिस जरूर खेलूंगा लेकिन ग्रैंड स्लैम नहीं रोजर ने ट्विटर पर पोस्ट कर यह जानकारी दी है। रोजर ने जुलाई 2021 में विम्बलडन खेलने के बाद कोर्ट पर नहीं खेले हैं। इस खेल के बाद रोजर के घुटने की सर्जरी हुई है।
लीवर कप क्या है जाने विस्तार से 

अंतरराष्ट्रीय लेवल पर खेले जाने वाले इनडोर हार्ड कोर्ट टेनिस प्ले की शुरूआत Prague में 22 सितंबर से 24 सितंबर 2017 को हुई थी। इस कंपटीशन में पुरुषों की टीम भाग लेती है। 2017 में हुए पहले मुकाबले में यूरोप की टीम ने जीत अपने नाम की थी, जिसके बाद हुए सभी मुकाबले में यूरोप ही जीतती आई है। टूर्नामेंट की शुरुआत यूएस ओपन के 2 हफ्ते बाद होती है। और इसकी मेजबानी हर साल अलग अलग शहर द्वारा किया जाता है। 
टूर्नामेंट का नाम रॉड लेवर क्यों रखा गया है 

टूर्नामेंट का नाम ऑस्ट्रेलियाई टेनिस के महान प्लेयर रॉड लेवर के नाम पर रखा गया है।  रॉड लेवर एक महान टेनिस खिलाड़ी हैं, जिन्हें दुनियाभर में टेनिस के स्टार प्लेयर के नाम से जाता है।
इस साल होगा पांचवां मुकाबला 


साल 2022 में लेवर कप टूर्नामेंट का पांचवां मुकाबला होने जा रहा है। जिसमें यूरोप के अलावा बाकी दुनिया भर के पुरुषों की टेनिस टीम भाग लेंगे। इस साल यह टूर्नामेंट 23 सितंबर से 25 सितंबर तक यूके के लंदन में आयोजित होगी।

लगातार 4 बार जीत चुकी है टीम यूरोप

आपको बता दें कि अभी तक जितने भी मुकाबले हुए हैं, उसमें यूरोप की टीम खिताब अपने नाम करते हुए आई है। इस बार भी यूरोप की टीम एक बार फिर खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेगी। साथ ही इस बार का ये पांचवा मुकाबला रोजर फेडरर के फेयरवेल के तौर पर याद रखा जाएगा।

 

World Bamboo Day 2022, विश्व बंबू दिवस का इतिहास और महत्व क्या है

World Bamboo Day 2022 : विश्व स्तर पर बांस के लाभ एवं महत्व के विषय में जागरूकता बढ़ाने और रोजमर्रा के उपयोग में इसके प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए हर साल 18 सितंबर को विश्व बांस दिवस मनाया जाता है। मुख्य रूप से बांस का उपयोग पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया में किया जाता है। बांस को पेएसी परिवार की एक लंबी पेड़ जैसी घास माना जाता है। जिसमें 115 से लेकर 1400 प्रजातियां शामिल हैं वर्ल्ड बंबू डे 2021 में इसका 12 संस्करण मनाया गया था जिसकी थीम बैंबू प्लांट - इट्स टाइम टू प्लांट बंबू रखा गया था। इस बार इस का तेरवां संस्करण मनाया जाएगा।
विश्व बंबू दिवस का इतिहास क्या है 

विश्व बंबू दिवस अधिकारिक तौर पर विश्व बंबू संगठन द्वारा 18 सितंबर को बैंकॉक में साल 2009 में आयोजित आठवीं विश्व बांस कांग्रेश द्वारा घोषित किया गया था। जिसका उद्देश्य बांस की उपयोगिता के बारे में जन जागरूकता को बढ़ावा देना और अधिक विस्तार देना है। साथ ही दुनिया भर के उद्योगों और उपयोग के लिए बांस की खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर


विश्व बांस संगठन का मुख्यालय कहां है 
अंतवर्प, बेल्जियम में है

विश्व बांस संगठन की स्थापना कब हुई थी 
साल 2005 

विश्व बांस संगठन के कार्यकारी निदेशक कौन है
लुकास

साल 2021 में विश्व बांस दिवस का कौन सा एडिशन मनाया गया
12वां संस्करण

साल 2021 का विश्व बांस दिवस का थीम क्या रखा गया था 
बैंबू प्लांट-यह समय प्लांट लगाना है रखा गया था 

साल 2022 में विश्व बांस दिवस का कौन सा एडिशन मनाया जा रहा है
13वां संस्करण

 

 

International Red Panda Day 2022, अंतरराष्ट्रीय लाल पांडा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है

 

World Patient Safety Day 2022, विश्व रोगी सुरक्षा दिवस का इतिहास और उद्देश्य क्या है

 

World Patient Safety Day 2022 : हर साल 17 सितंबर को विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाया जाता है इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को रोगियों के विषय में जागरूक करना है, रोगी सुरक्षा के विषय में समन्वय और कार्रवाई के साथ - साथ वैश्विक समझ को बढ़ाना है।
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस का इतिहास क्या है 

विश्व स्वास्थ्य सभा ने 25 मई 2019 को WHA पर 72.6 रोगी  सुरक्षा पर वैश्विक कार्रवाई के प्रस्ताव को अपनाया गया था। जिसके बाद से विश्व स्वास्थ्य सभा के समर्थन से हर साल 17 सितंबर को विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इस घोषणा के बाद 2019 मई में पहली बार विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाया गया था।
सुरक्षा दिवस का उद्देश्य क्या है 

इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज में रोगी सुरक्षा समझ को बढ़ाने के साथ-साथ के स्वास्थ्य की देखभाल की सुरक्षा में सार्वजनिक एवं रोगी को कम करने के लिए वैश्विक कार्यों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से जुड़े महत्त्व के बारे में वैश्विक जागरूकता को बढ़ावा देना, साथ ही विभिन्न अन्य हितधारकों को इसके लिए शामिल करना और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं रोगी की सुरक्षा में सुधार करने के लिए नई रणनीति अपनाना है। रोगी हितधारकों की प्राथमिकता के रूप में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में पहचान और इन्वेस्टमेंट करने वाले सभी हितधारकों द्वारा तत्काल और टिकाऊ कामों को लागू करना है।
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2022 की थीम क्या है 


हर साल इस दिवस को मनाने के लिए 1 थीम तय किया जाता है, इस बार 2022  के लिए  थीम मेडिकेशन सेफ्टी रखा गया है। 

 

 

List Of Foreign Civilian Awards Received By PM Modi, नरेंद्र मोदी को मिले विदेशी नागरिक पुरस्कारों के बारें में जाने विस्तार से

 

List Of Foreign Civilian Awards Received By PM Modi : भारत के 15वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भारत के साथ-साथ दुनिया भर में छाई हुई है। उन्होंने अपने कार्यों से ना सिर्फ देश वासियों का दिल जीता है बल्कि विश्व स्तर पर भी लोगों को अपने सोच और कार्य से प्रभावित किया है और उनके कार्य एवं योजना को लेकर विश्व स्तर पर कई सम्मानित पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कितने और कौन कौन से इंटरनेशनल अवार्ड एवं खिताब अपने नाम किए हैं।
पीएम मोदी को मिले विदेशी नागरिक पुरस्कारों की लिस्ट


1.कैंब्रिज एनर्जी रिजल्ट एसोसिएट्स सेरा (CERA) द्वारा ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरमेंट लीडरशिप अवार्ड 2021
2.अमेरिकी सरकार द्वारा लीजन ऑफ मेरिट 2020
3.ऑर्डर ऑफ जायद अवार्ड 2019
4. ऑडर ऑफ सेंट एंड्रयू अवार्ड 2019
5.निशान इज्जुद्दीन के विशिष्ट शासन का आर्डर 2019 
6. पुनर्जागरण के राजा हमद का आर्डर 2019
7.फिलिप कोटलर राष्ट्रपति पुरस्कार 2019
8. स्वच्छ भारत अभियान के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ग्लोबल 
9.गोलकीपर अवॉर्ड - 2019
10.सियोल शांति पुरस्कार 2018
11.चैंपियन ऑफ द अर्थ अवॉर्ड 2018 
12.फिलिस्तीन राज्य पुरस्कार का ग्रैंड कॉलर 2018 
13.अब्दुल अजीज अल सऊद का ऑर्डर 2016 
14.गाजी अमीर अमानुल्लाह खान का स्टेट ऑर्डर 2016
 
इन सभी इंटरनेशनल पुरस्कारों से नरेंद्र मोदी को विश्व स्तर पर अलग-अलग देशों द्वारा उनके कार्यों एवं योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है।

 

National Logistics Policy, राष्ट्रीय रसद नीति क्या जाने विस्तार से

 

17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर पूरे भारत को एक नई और बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति को लॉन्च किया है, जो कारोबार क्षेत्र के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। इस नई नीति से कारोबार क्षेत्र में नया विकास बढ़ेगा और इस क्षेत्र में बहुत फायदे होंगे। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत को नई उड़ान देगा। इस राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति के लागू होने के बाद कोरोनावायरस से प्रभावित हुई है, अर्थव्यवस्था को नई तेजी मिलेगी। साथ ही सप्लाई के क्षेत्र में आने वाली समस्या का हल करने में समाधान होगा और माल ढुलाई में होने वाले इंधन की खपत को भी कम किया जा सकेगा। वर्तमान में भारत में लॉजिस्टिक यानी माल ढुलाई के लिए ज्यादातर सड़क, उसके बाद जल परिवहन और फिर हवाई मार्ग का प्रयोग किया जाता है। भारत अपनी जीडीपी का लगभग 13 से 14 परसेंट हिस्सा माल ढुलाई के ऊपर खर्च करता है। जबकि जर्मनी और जापान जैसे देश इसके लिए मात्र 8 से 9 परसेंट ही खर्च करते हैं। इस पॉलिसी के लागू होने के बाद लॉजिस्टिक नेटवर्क को भी नई मजबूती मिलेगी और इस पर होने वाले खर्च की बचत होगी।

 

 लॉजिस्टिक यानी माल ढुलाई क्या है 


भारत में दूरदराज गांवों, कस्बों में हर जगह सभी चीजें उपलब्ध नहीं होती है। खाने पीने से लेकर डीजल पेट्रोल जैसे छोटे से लेकर बड़े सामान तक के लिए व्यापारी को अपना माल, फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कच्चा माल, जरूरी इंधन और तमाम तरह की चीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना पड़ता है। कभी-कभी यह दूरी कम होती है तो कभी-कभी यह दूरी बहुत लंबी होती है और इस क्षेत्र में एक बड़ा नेटवर्क काम करता है, जो चीजों को समय पर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता है। जिसे माल ढुलाई का काम कहा जाता है। बड़े पैमाने पर लोगों और बिजनेसमैन की जरूरतों के समान विदेश से लाना और अपने पास अपने पास स्टोर करना शामिल है। इसके साथ ही सड़क से माल ले जाने की दूरी और तय जगह तक पहुंचाने में  टोल टैक्स, रोड टेक्स आदि विकसित देशों में लॉजिस्टिक नीति के सरल पद्धति के चलते आसान है और कम खर्चीला है। लेकिन भारत में यह महंगा है।

 नई लॉजिस्टिक पॉलिसी क्या है 


नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी में सिंगल रेफरेंस प्वाइंट बनाया गया है जिसमें अगले 10 सालों में लॉजिस्टिक सेक्टर की लागत को 10 परसेंट तक  लाना है।  जो कि वर्तमान में जीडीपी के 13 से 14 परसेंट तक है। वर्तमान में माल ढुलाई का ज्यादातर काम सड़क के माध्यम से हो रहा है इस पॉलिसी के अंतर्गत अब माल ढुलाई का काम रेल ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ शिपिंग और एयर ट्रांसपोर्ट से भी संभव होगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सड़क में बड़े-बड़े ट्रकों के कम चलने से ट्रैफिक कम होगा और साथ ही दूसरे इंधन की भी बचत की जाएगी। इससे व्यापारी का पैसा और समय दोनों बचेगा।

 विश्व बैंक लॉजिस्टिक इंडेक्स 2018 का रिपोर्ट क्या है


इस इंडेक्स के अनुसार दुनिया के बड़े देश के मुकाबले भारत माल ढुलाई के क्षेत्र में खर्च करने वाले के स्थान में 44 से स्थान पर है इसका अर्थ है कि भारत डिवेलप देश जैसे अमेरिका चीन जापान देशों से बहुत पीछे हैं। लॉजिस्टिक के खर्च के मामले में जर्मनी नंबर वन है, यहां पर माल ढुलाई के क्षेत्र में सबसे कम खर्च किया जाता है।

 

BLO e-Patrika, बीएलओ ई-पत्रिका क्या है, जाने विस्तार से

BLO e-Patrika : भारत में चुनाव आयोग ने भारत के राज्यों में फैले बीएलओ के साथ आयोजित एक इंटरएक्टिव सेशन में एक नया डिजिटल प्रकाशन बीएलओ ई-पत्रिका लॉन्च किया है। राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के आसपास के राज्यों के 50 बीएलओ नई दिल्ली में इंडिया हैबिटेट सेंटर में फिजिकल तरीके से शामिल हुए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 350 से अधिक बीएलओ बैठक में शामिल हुए थे। बीएलओ ने संक्रामक सैशन में भाग लिया जिसमें आयोग ने अपने अनुभव, अपने कर्तव्य का पालन करते समय आने वाली चुनौतियों और सफलता की कहानियों के बारे में बताया। यह आयोग द्वारा देशभर में बीएलओ के साथ अपनी तरह का पहला कम्युनिकेशन था।
बीएलओ ई पत्रिका क्या है जाने विस्तार से


बीएलओ लोगों के साथ-साथ आयोग के सीधे संपर्क है। यह देश के कोने कोने में हर मतदाता के लिए सूचना का प्राथमिक जरिया है। एक बेहतर सूचित और प्रेरित बूथ लेवल के अधिकारी के लिए एक व्यापक सूचना मॉडल सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ e-patrika जारी की गई है। ई- मासिक पत्रिका के सब्जेक्ट में ईवीएम- वीवीपीएटी ट्रेनिंग, आईटी एप्लीकेशन विशेष सारांश संशोदन, मतदान केंद्र पर न्यूनतम स्वीप गतिविधियां, डाक मतपत्र सुविधाएं, सुलभ चुनाव, चुनावी साक्षरता क्लब, अद्वितीय मतदाता जागरूकता पहल और राष्ट्रीय मतदाता जैसे विषय शामिल होंगे।

 

 

Vanessa Nakate, वैनेसा नाकाटे कौन हैं जिन्हें यूनिसेफ सद्भावना राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया है

 

 

Vanessa Nakate : संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपत्कालीन कोष यूनिसेफ ने युगांडा की 25 साल की जलवायु कार्यकर्ता वैनेसा नाकाटे को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनिसेफ के सद्भावना राजदूत के रूप में अप्वॉइंट किया है। संगठन के साथ उनका सहयोग और वर्तमान एवं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जलवायु न्याय के लिए उनकी उत्कृष्ट वैश्विक वकालत को मान्यता दिया गया है।  वैनेसा नाकाटे ने जनवरी 2019 में ग्रेटा थनबर्ग से प्रेरित कंपाला की सड़कों पर अपने भाई बहनों और अन्य संबंधियों के विरोध के साथ अपनी सक्रियता शुरू की थी। उसने हर हफ्ते विरोध करना जारी रखा दुनिया भर में जलवायु के लिए हड़ताली युवाओं के आंदोलन में एक प्रसिद्ध चेहरा बनी।

 2020 में वह अधिक वैश्विक प्रमुखता में आई जब उन्हें थुनबर्ग और अन्य श्वेत जलवायु कार्यकर्ताओं के साथ दिखाई देने वाली एक समाचार तस्वीर से हटा दिया गया। इस घटना पर वैनेसा नाकाटे ने प्रतिक्रिया की जिसमें उन्होंने कहा कि समाचार आउटलेट ने सिर्फ एक तस्वीर नहीं मिठाई उसने एक महाद्वीप को मिटा दिया है। जिसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने लिए सुर्खियां बटोरी थी।

 विश्व स्तर पर दुनिया के 2.2 बिलियन बच्चे 33 देश में से एक में रहते हैं जिसे यूनिसेफ के चिल्ड्रन क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स द्वारा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बेहद उच्च जोखिम के रूप में बांटा गया है। यूनिसेफ के मुताबिक टॉप 10 देश सभी अफ्रीका में ही है।
 सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर


यूनिसेफ की स्थापना कब हुई थी 
1946 
यूनिसेफ का मुख्यालय कहां है 
न्यूयार्क यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका 
यूनिसेफ के महानिदेशक कौन है
कैथरीन एम रसेल 
यूनिसेफ  की सदस्यता कितने देशों के पास है
 192 देश के पास

 

Who is CMD of NLC India Limited, प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली को एनएलसी इंडिया लिमिटेड के सीएमडी के रूप में नियुक्त किया गया है

 

Who is CMD of NLC India Limited : प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली को सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड पीईएसबी द्वारा एनएलसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में अप्वॉइंट किया गया है। प्रसन्न कुमार मोटुपल्ली वर्तमान में एनटीपीसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
पीईएसबी  चयन बैठक कमेटी से संबंधित मुख्य बिंदु 

पीईएसबी ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक सुरेश चंद्र सुमन सहित चार आवेदकों का इंटरव्यू लिया है।
पीईएसबी ने ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के कार्यकारी निदेशक टी एस सी बोस और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के कार्यकारी निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ का भी इंटरव्यू लिया है।
प्रसन्नाकुमार मोटूपल्ली के बारे में
प्रसन्ना कुमार मोटूपल्ली टेक्निकल इंजीनियर में गोल्ड मेडल लिस्ट रहे हैं और ऑपरेशन मैनेजमेंट, एचआर मैनेजमेंट, मार्केटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट किया हुआ है।
एनटीपीसी के बारे में जाने विस्तार से 


एनटीपीसी लिमिटेड भारत में राज्य बिजली उपयोगिताओं को थोक बिजली का उत्पादन और बिक्री करवाता है। यह दो खंडों में संचालित होता है बिजली का उत्पादन और अन्य एनटीपीसी कोयला गैस तरल ईंधन हाइड्रो, सौर, परमाणु, थर्मल पावर और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से एनर्जी प्रोड्यूस करता है। साथ ही यह कंपनी परामर्श, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और पर्यवेक्षण सर्विस भी प्रोवाइड करती है।

 

Joao Lourenco President of Angola, कौन हैं जोआओ लौरेंको जिन्हें अंगोला के राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया है

 

राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने 51% मतों के साथ जोआओ लोरेंको को राष्ट्रपति के रूप में घोषित किया है। राष्ट्रपति जोआओ लोरेंको अंगोला की मुक्ति के लिए लोकप्रिय आंदोलन एमपीएलए के सदस्य हैं और इन्हें अंगोला के राष्ट्रपति के रूप में पुनः चुना गया है। चुनाव परिणामों ने एमपीएलए के अधिपत्य को बढ़ा दिया है जो एकमात्र पार्टी है जिसने 1975 में पुर्तगाल से अपनी स्वतंत्रता के बाद से अंगोला पर शासन किया है। 

 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने एच.ई जोआओ मैनुएल गोंकाल्वेस लोरेंको को अंगोला के राष्ट्रपति के रूप में पुनः चुने जाने पर एवं भारत और अंगोला के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया था।

 

इस लेख के मुख्य बिंदु

 

विधायक में 3.16 मिलियन से अधिक वोट हासिल किए हैं, जो उसे नेशनल असेंबली की 200 में से 124 सीटों की जीत देता है। अंगोला UNITA की कुल स्वतंत्रता के लिए विपक्षी दल एडलबर्टो कोस्टा जूनियर के नेशनल यूनियन को 44 परसेंट वोट मिले हैं। जो नेशनल असेंबली में लगभग 90 सीट के आसपास है। राष्ट्रपति के रूप में जोआओ लोरेंकोके चुनाव में पार्टी के आधिपत्य को और बढ़ा दिया है। एमपीएलए एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसमें अपनी स्वतंत्रता के बाद से अंगोला पर शासन किया है। इस आम चुनाव में 33 मिलियन लोगों में से 14.3 मिलियन नागरिकों ने वोट दिया है।

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