What Happens if the Bounce Rate is Low? क्या है एग्जिट रेट और बाउंस रेट ?

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Wed, 28 Sep 2022 02:55 PM IST

Highlights

क्या आप बता सकते हैं कि एग्जिट रेट और बाउंस रेट किसे कहते हैं ? तो आइए आज के इस आर्टिकल में हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि एग्जिट रेट और बाउंस रेट क्या होता है ?और अगर  बाउंस रेट कम हो तो क्या होता है ? तो आइए सबसे पहले जानते हैं कि एग्जिट रेट (exit rate) क्या है ?

हेलो दोस्तों, क्या आप बता सकते हैं कि एग्जिट रेट और बाउंस रेट किसे कहते हैं ? तो आइए आज के इस आर्टिकल में हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि एग्जिट रेट और बाउंस रेट क्या होता है ?और अगर  बाउंस रेट कम हो तो क्या होता है ? तो आइए सबसे पहले जानते हैं कि एग्जिट रेट (Exit Rate) क्या है ? 
 

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एग्जिट रेट (Exit Rate) क्या है ?

जैसा कि हमने अपने पिछले आर्टिकल में जाना था कि कुछ यूजर्स हमारी वेबसाइट के एक पेज को विजिट करके एग्जिट कर लेते हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी यूजर्स होते हैं जो हमारे वेबसाइट के दूसरे, तीसरे, चौथे या फिर अगले किसी और पेज पर जाने के बाद वहाँ से एग्जिट करते हैं, तो उन विजिटर्स के कुल प्रतिशत को हम एग्जिट रेट (Exit Rate) कहते हैं. इसका बहुत सीधा सा मतलब है कि विजिटर आपके एक से अधिक वेबपेज को विजिट करता है, और उसके बाद वह आपकी वेबसाइट से एग्जिट करता है.
जैसा कि हम सब जानते हैं कि सारे ब्लॉग या फिर वेबसाइट में एक से अधिक पेज हुआ करते हैं. हम जब अपने आर्टिकल को अपने ब्लॉग में लिखते हैं तो वह एक नया वेबपेज होता है.
दूसरे शब्दों में कहें तो हमारे ब्लॉग पर आने वाले ऐसे विजिटर्स जो कि वेबसाइट के पहले पेज से एग्जिट न होकर किसी अन्य पेज से एग्जिट करते है उन विजिटर्स की कुल संख्या के प्रतिशत को एग्जिट रेट (Exit Rate) कहा जाता हैं.


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बाउंस रेट (Bounce Rate) क्या है ?

और आइए अब जानते हैं कि बाउंस रेट (Bounce Rate) किसे कहते हैं.

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Source: Safalta.com

अगर जब कोई यूजर हमारी वेबसाइट के किसी वेबपेज पर आता है और इसके बाद जब वह हमारे वेबसाइट के किसी अन्य पेज में ना जाकर ठीक उसी एक पेज के बाद हमारी वेबसाइट से एग्जिट कर जाता है यानि वापस लौट जाता है तो ऐसे में यूजर के द्वारा की जाने वाली इस एक्टिविटी को बाउंस एक्टिविटी कहते हैं. और हमारी वेबसाइट में इसी प्रकार के आने वाले यूजर्स की कुल संख्या का जो प्रतिशत होता है उसे बाउंस रेट (Bounce Rate) कहा जाता है.
इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि हमारी वेबसाइट के इस प्रकार के यूजर्स जो किसी एक पेज को देखने के बाद वेबसाइट से एग्जिट कर जाते हैं उन यूजर्स की संख्या के कुल प्रतिशत को बाउंस रेट कहते हैं. हमारी वेबसाइट के जिस पहले पेज पर विजिटर्स आता है उसको लैंडिंग पेज कहा जाता है.
अगर किसी वेबसाइट पर एक दिन में 100 लोग विजिट करते हैं और उनमें से 40 लोग वेबसाइट के पहले हीं पेज पर आने के बाद वेबसाइट से एग्जिट कर जाते हैं तो उस दिन आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट 40 प्रतिशत कहा जाएगा. आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट जितना कम होता है यह उतना हीं अच्छा माना जाता है. यानि इससे आपके अच्छी रैंकिंग की संभावना बढती है.
 

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