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What is RBI Repo Rate Hike? जानिए आरबीआई (RBI) रेपो रेट हाइक क्या होता है?

Safalta Experts Published by: Kanchan Pathak Updated Sat, 06 Aug 2022 12:56 PM IST

Highlights

महंगाई में बढ़ोत्तरी होने के बाद आरबीआई अपने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी करता है जबकि महंगाई दर में गिरावट होने के बाद आरबीआई इस दर को कम करता है.
 

आरबीआई, केंद्रीय बैंक (RBI) की तरफ से आज रेपो रेट (repo rate) में फिर से बढ़ोतरी की घोषणा की गयी है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज अपने एक बयान में रेपो रेट (repo rate) दरों में इस इजाफे की घोषणा की. भारतीय रिजर्व बैंक के चालू वित्त वर्ष की शुरुआत के बाद से लेकर आज यह तीसरी बार है कि जब आरबीआई (RBI) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की गयी हैं. ताकि मुद्रास्फीति को कोरोना के बाद से केंद्रीय बैंक के लक्ष्य की ऊपरी सीमा पर लाया जा सके. अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं  FREE GK EBook- Download Now. / Advance GK Ebook-Free Download
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लगातार तीसरी बढ़ोत्तरी

जानकारी के मुताबिक भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो दरों में आधा प्रतिशत का इज़ाफा किया है और इसके साथ हीं रेपो दरें बढ़ कर अब 5.4% फीसदी हो गयी हैं. यानि कि रेपो दरें अब कोरोना के पहले के दरों पर वापस आ गयी हैं.

Source: safalta

आरबीआई के आज के इस फैसले के बाद आपके ईएमआई में इज़ाफा होना तय है. अब बस ये देखना है कि बैंकों की तरफ से इसके ऐलानों की शुरुआत कब की जाएगी. मई और जून में दो बार लगातार बढ़ोत्तरी करने के बाद यह आरबीआई, केंद्रीय बैंक (RBI)  द्वारा रेपो रेट में की गयी तीसरी बढ़ोत्तरी है.

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पड़ने वाली है मँहगाई की मार

मई में रेपो दरों में अप्रत्याशित रूप से 40 बेसिस पॉइंट और जून में 50 बेसिस पॉइंट के अंकों की वृद्धि के बाद आरबीआई (RBI)  द्वारा की गयी यह तीसरी वृद्धि है. इस वृद्धि का सीधा असर होम लोन और कार लोन जैसे अन्य कर्जों पर पड़ने वाला है और इस तरह से जाहिर है कि जनता पर फिर से मँहगाई की मार पड़ने वाली है.
 

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रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का फैसला  

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लगातार बढ़ती मँहगाई के सामने आरबीआई के पास अर्थव्यवस्था को गति देने समेत अन्य भी कई चुनौतियाँ हैं. और इसलिए केन्द्रीय बैंक ने रेपो रेट को फिर से बढ़ाने का फैसला लिया है. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगस्त 2022 की तय बैठक की बाद नए फैसले में बैंक की ब्याज दर को 50 बीपीएस से बढ़ा कर 5.40 फीसदी कर दिया गया है. बताते चलें कि आरबीआई ने रेपो रेट में आधा प्रतिशत (0.5%) का इज़ाफा किया है.
आइए जानते हैं कि क्या होता है रेपो रेट -
 

क्या होता है रेपो रेट

रेपो रेट उस ब्याज दर को कहते हैं जिस पर भारत में राष्ट्रीयकृत सरकारी तथा प्राइवेट क्षेत्रों के बैंक आरबीआई से पैसा उधार लेते हैं. महंगाई में बढ़ोत्तरी होने के बाद आरबीआई अपने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी करता है जबकि महंगाई दर में गिरावट होने के बाद आरबीआई इस दर को कम करता है.
 
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रिवर्स रेपो दर

रिवर्स रेपो रेट उस ब्याज दर को कहते हैं जिस दर पर सरकारी और प्राइवेट क्षेत्रों के बैंक आरबीआई के पास अपनी जमा राशि रखते हैं. रेपो रेट का मतलब यह है कि जब वाणिज्यिक बैंकों को धन की कमी का सामना करना पड़ता है तब वे आरबीआई द्वारा अनुमोदित प्रतिभूतियों जैसे ट्रेजरी बिल आदि को बेचकर आरबीआई से एक दिन के लिए लोन लेते हैं. भारत के सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र के व्यावसायिक बैंक रेपो रेट के आधार पर ही आम लोगों को खुदरा लोन देने का काम करते हैं. आरबीआई जब अपना रेपो रेट बढ़ा देता है, तो बैंकों के लिए आरबीआई से उधार लेना मुश्किल हो जाता है.
 

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