NCERT CBSE Class 10th Hindi (Sparsh) Chapter 4: मनुष्यता

Safalta Expert Published by: Sylvester Updated Fri, 17 Jun 2022 01:38 PM IST

Highlights

NCERT CBSE Class 10th Hindi (Sparsh) Chapter 4: मनुष्यता

प्रस्तुत कविता में मनुष्य को परोपकार , राष्ट्र हित और उदारता – की भावना को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है । इस कविता में ‘ स्व ‘ की भूमि से उठकर ‘ पर ‘ की भूमि तक जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को संबोधित किया गया है । कवि ने मानवता (मनुष्यता) के पूरे पूरे लक्षण उसी मनुष्य में माने हैं , के जिसमें अपने और अपनों के हित चिंतन से कहीं पहले और सर्वोपरि दूसरों का हित चिंतन हो।

Free Demo Classes

Register here for Free Demo Classes

Please fill the name
Please enter only 10 digit mobile number
Please select course
Please fill the email

यह कविता व्यक्ति को किस प्रकार जीवन जीने की प्रेरणा देती है?

इंसान को आपसी भाईचारे से काम करना चाहिए। मानव जीवन तभी सार्थक होता है जब वह दूसरों के काम आए ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी से किसी और का काम न चले।

किन पंक्तियों से पता चलता है कि हमें गर्व रहित जीवन जीना चाहिए?

रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में, सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।

इस कविता में महापुरुषों जैसे कर्ण, दधीचि, सीबी ने मनुष्यता को क्या सन्देश दिया है?

विरासत में मिली चीज़ें हमें हमारे पूर्वज की, पूर्व अनुभवों की और पुरानी परम्पराओं की याद दिलाती है | नई पीढ़ी उनके बारे में जाने, उनके अनुभव से कुछ सीखे और उनकी बनाई हुई श्रेष्ठ परम्पराओं का पालन करें इसी उद्देश्य से विरासत में मिली चीज़ों को संभाल-संभाल कर रखा जाता है।

सुमृत्यु किसे कहते हैं?

मानव जीवन तभी सार्थक होता है जब वह दूसरों के काम आये और ऐसे इंसान की मृत्यु को भी सुमृत्यु माना जाता है जो मानवता की राह में परोपकार करते हुए आती है।

'मनुष्य मात्र बंधु है' से क्या तात्पर्य है?

सभी मनुष्य एक दूसरे के मित्र और बंधु हैं और सब के माता पिता परम परमेश्वर हैं। कोई काम बड़ा या छोटा ऐसा केवल बाहर से प्रतीत होता है।

Free E Books