NCERT CBSE Class 10th Hindi (Sparsh) Chapter 5: पर्वत प्रदेश में पावस

Safalta Expert Published by: Sylvester Updated Fri, 17 Jun 2022 01:39 PM IST

Highlights

NCERT CBSE Class 10th Hindi (Sparsh) Chapter 5: पर्वत प्रदेश में पावस

प्रस्तुत कविता में पर्वतीय प्रदेश में वर्षा ऋतु का वर्णन किया गया है । पर्वतीय प्रदेश में वर्षा ऋतु आने पर प्रकृति क्षण – क्षण में अपना रूप बदलती रहती है । कवि ने ऐसी ही अपनी एक अनुभूति को कविता के रूप में अभिव्यक्त करते हुए तालाब और झरनों का सुंदर ढंग से चित्रण किया है । कवि ने पहाड़ों को मानवीकृत रूप में चित्रित करते हुए उनकी (पहाड़ों) चोटी पर खड़े विशाल वृक्षों का वर्णन करते हुए उनके मन की आकांक्षाओं को मूर्त रूप में अभिव्यक्त किया है।

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वर्षा ऋतु में कौन अपनी जादूगरी दिखा रहा है?

वर्षा ऋतु में इंद्र जलद-यान में विचर-विचरकर अपनी जादूगरी का खेल दिखा रहे हैं |

पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

पावस यानि वर्षा ऋतु का मौसम है जिसमे प्रकृति का रूप हर पल बदलता रहता है। कभी धूप खिल जाती है तो कभी काले घने बादल सूरज को ढँक लेते हैं।

कवि ने तालाब की समानता किसके साथ दिखाई है और क्यों?

तालाब या किसी भी अन्य जलराशि में आस पास की चीजों का प्रतिबिंब दिखाई देता है इसलिए कवि ने तालाब की तुलना किसी विशाल दर्पण से की है।

झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं? बहते हुए झरने की तुलना किससे की गई है?

झरने पहाड़ के गौरव का गान कर रहे हैं। कवि ने झरनों की तुलना झरते हुए मोतियों से की है। झरने की बेकाबू गति अंग-अंग में एक उन्माद सा भर देती है |

इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किस प्रकार किया गया है? स्पष्ट कीजिए |

इस कविता में कवि ने प्रकृति को मानव के सभी अंगों से परिपूर्ण माना है जिस प्रकार कवि ने मानवीकरण अलंकार का प्रयोग सुन्दरता के साथ किया है|

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